राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बुनकर प्रतिनिधियों से मिले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कहा – बुनकर हमारी सांस्कृतिक पहचान के रक्षक हैं

रायपुर। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिनिधियों का सौहार्दपूर्ण स्वागत किया और उन्हें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने बुनकर समाज की सराहना करते हुए कहा कि हथकरघा कला हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है, जो छत्तीसगढ़ को एक अलग पहचान देती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बुनकर अपने हुनर, मेहनत और रचनात्मकता से राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बुनकरों की आत्मनिर्भरता और समृद्धि के लिए लगातार काम कर रही है। कच्चा माल सुलभ कराना, लागत घटाना और अच्छे विपणन की सुविधा देना जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि बुनकरों को हर स्तर पर मदद मिल सके।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” के संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि यह समय अपने पारंपरिक उत्पादों और हुनर को बढ़ावा देने का है। उन्होंने कहा कि हथकरघा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जिसे बुनकर समाज आज भी संभाले हुए है।
इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बुनकरों द्वारा तैयार की गई पारंपरिक करघे की एक सुंदर प्रतिकृति भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस भेंट को सृजन, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक बताया और बुनकर समाज को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला समय बुनकरों की खुशहाली, सम्मान और सशक्तिकरण का होगा। राज्य सरकार उनकी भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।





