मुख्यमंत्री ने दी अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस की शुभकामनाएँ

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और जंगलों को बचाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगल केवल हरियाली का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं। जंगल न केवल हमें प्राणवायु (ऑक्सीजन) प्रदान करते हैं, बल्कि कई प्रकार की औषधियाँ, खाद्य पदार्थ और अन्य उपयोगी संसाधन भी देते हैं।
हर साल 21 मार्च को ‘विश्व वानिकी दिवस’ मनाया जाता है, ताकि पेड़ों और जंगलों के महत्व को सभी तक पहुँचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की कि आधुनिक जीवनशैली और बढ़ती जनसंख्या के कारण जंगल लगातार सिमट रहे हैं। इससे पर्यावरण असंतुलन और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ गंभीर होती जा रही हैं। इसका सीधा असर मनुष्यों, कृषि और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर देखा जा सकता है।
वनों के संरक्षण के लिए सरकार के प्रयास
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का एक बड़ा हिस्सा घने वनों से ढका हुआ है और यहाँ की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था भी वनों से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि सरकार वन प्रबंधन और सामुदायिक वन संरक्षण के माध्यम से वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदाओं को बचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
सरकार की कई योजनाएँ न केवल वनों के संरक्षण पर केंद्रित हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी इस प्रक्रिया में जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य वन और आजीविका के बीच संतुलन बनाए रखना है, ताकि पर्यावरणीय असंतुलन को रोका जा सके और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा हो सके।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल करनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण-मुक्त वातावरण देने की जिम्मेदारी निभाने की बात कही।





