चैत्र नवरात्रि शुरू: देवी मंदिरों में विशेष तैयारी, डोंगरगढ़ में ट्रेनों का अतिरिक्त ठहराव और खास व्यवस्थाएं

चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ छत्तीसगढ़ के प्रमुख देवी मंदिरों में भक्ति और आस्था का माहौल बन गया है। प्रदेशभर के शक्तिपीठों में विशेष आरती, ज्योति कलश स्थापना और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समितियों ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत किया है।

डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए 10 ट्रेनों का विशेष स्टॉपेज दिया गया है। साथ ही दुर्ग-डोंगरगढ़ के बीच स्पेशल ट्रेन भी चलाई जा रही है। मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों के साथ रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है। सुरक्षा के लिए क्विक रिस्पांस टीम तैनात की गई है, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेगी।

बस्तर के दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर, बिलासपुर के रतनपुर स्थित महामाया मंदिर और अन्य शक्तिपीठों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए भंडारा, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और ठहरने की व्यवस्था की गई है। कई मंदिरों में पार्किंग की विस्तृत व्यवस्था भी की गई है ताकि आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

इस बार नवरात्रि में ज्योतिषीय दृष्टि से भी विशेष संयोग बन रहा है। कलश स्थापना अमावस्या तिथि में हो रही है, जिसे अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इसके साथ ही शुक्ल और ब्रह्म योग का दुर्लभ मेल इस पर्व के महत्व को और बढ़ा रहा है।

मंदिरों में विशेष दर्शन व्यवस्था भी लागू की गई है। कुछ स्थानों पर VIP दर्शन की सुविधा शुल्क के साथ उपलब्ध है। श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन दान और पूजा की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे वे घर बैठे भी पूजा-अर्चना कर सकें।

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में श्रद्धालु व्रत, पूजा, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से माता दुर्गा की आराधना करेंगे। प्रदेश के सभी प्रमुख मंदिरों में इस दौरान विशेष श्रृंगार और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

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