CG Liquor Scam: चैतन्य बघेल की जमानत के विरोध में सुप्रीम कोर्ट पहुंची ईडी, 28 जनवरी को सुनवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई मंगलवार को स्थगित कर दी गई। अब इन मामलों पर अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी। शीर्ष अदालत के समक्ष इस घोटाले से जुड़ी 40 से अधिक याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें आरोपियों की जमानत याचिकाएं और जांच एजेंसियों की अपीलें शामिल हैं।

इनमें सबसे अहम मामला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को मिली जमानत को चुनौती देने से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका पर भी अदालत 28 जनवरी को सुनवाई करेगी।

मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान पीठ ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में उप सचिव और ओएसडी रह चुकी सौम्या चौरसिया की एक अलग याचिका पर राज्य सरकार और जांच एजेंसियों को नोटिस जारी किया।

सौम्या चौरसिया को पहले कोयला घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, लेकिन इसके बाद जांच एजेंसियों ने उन्हें शराब घोटाले में फिर से गिरफ्तार कर लिया था। इस गिरफ्तारी को उन्होंने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।

सुनवाई के दौरान सौम्या चौरसिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। वकीलों ने दलील दी कि आरोप और सबूत वर्ष 2019 से समान हैं और बार-बार गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी है।

पीठ ने हालांकि चैतन्य बघेल की जमानत के खिलाफ ईडी की याचिका पर अलग से नोटिस जारी नहीं किया, लेकिन स्पष्ट किया कि इस मामले में भी 28 जनवरी को सुनवाई होगी। इसके अलावा, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका पर भी उसी दिन विचार किया जाएगा।

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