Biometric Attendance: बायोमेट्रिक हाजिरी लागू, पर हकीकत कुछ और,कागजों में बायोमेट्रिक,दफ्तरों में सन्नाटा…

1 जनवरी से बायोमेट्रिक आदेश,ज़मीन पर व्यवस्था नदारद....

आज से यानी 1 जनवरी 2026 से जिले के सभी शासकीय विभागों में बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू करने के राज्य शासन के निर्देश दिए गए थे। (Biometric Attendance) इसी निर्देश के पालन में जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले के सभी विभागों में बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने का आदेश भी जारी किया। उद्देश्य साफ था—कर्मचारियों की उपस्थिति में पारदर्शिता लाना और समय पर कार्यालय संचालन सुनिश्चित करना।लेकिन जब इस आदेश की जमीनी हकीकत जानने के लिए आज ग्रैंड न्यूज़ की टीम जिला मुख्यालय के विभिन्न शासकीय विभागों का दौरा करने निकली, तो तस्वीर कुछ और ही नजर आई।

प्रशासन का फरमान,विभागों में नहीं दिखा असर…, Biometric Attendance

हकीकत यह है कि एक-दो विभागों को छोड़कर अधिकांश विभागों में बायोमेट्रिक हाजिरी की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हुई है।टीम ने जब शिक्षा विभाग का जायजा लिया, तो वहां जिला शिक्षा अधिकारी ने बायोमेट्रिक कार्य शुरू होने की बात कही। लेकिन जब टीम ने कृषि विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सांख्यिकी विभाग, यांत्रिकी विभाग और कलेक्टर कार्यालय समेत एक दर्जन से ज्यादा विभागों का निरीक्षण किया, तो कहीं भी आधार अपडेट या बायोमेट्रिक हाजिरी सिस्टम चालू नहीं मिला।कई विभागों में कर्मचारियों से पूछने पर यही जवाब मिला कि अभी तक न तो मशीनें आई हैं और न ही किसी तरह की स्पष्ट जानकारी दी गई है।

कुछ जगहों पर तो कर्मचारियों को यह भी नहीं पता था कि आज से बायोमेट्रिक हाजिरी लागू होनी है।इस पूरे मामले पर जब जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल से ग्रैंड न्यूज़ ने बात की, तो उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ विभागों में बायोमेट्रिक सिस्टम शुरू हो चुका है, लेकिन कुछ विभागों में तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से अभी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि जिन विभागों में बायोमेट्रिक सिस्टम शुरू नहीं हुआ है, वहां कारणों की जांच कर शीघ्र ही इसे लागू कराया जाएगा।

बायोमेट्रिक सिस्टम का पहला दिन, फेल होती दिखी व्यवस्था….

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन के आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएंगे, या फिर वास्तव में सभी विभागों में बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली जमीन पर भी लागू हो पाएगी। क्योंकि जब आदेश लागू होने के पहले ही दिन अधिकतर विभागों में व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई, तो निगरानी और जवाबदेही पर सवाल उठना लाज़मी है।फिलहाल,निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि बायोमेट्रिक सिस्टम सिर्फ घोषणा बनकर रह जाता है या वास्तव में सरकारी दफ्तरों की कार्यसंस्कृति में बदलाव लाता है।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई