बिलासपुर के लाल मो. सुवेज़ हक को “सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक” से सम्मानित

नई दिल्ली/बिलासपुर।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के आईपीएस अधिकारी को “सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक” से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान 16 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित विशेष समारोह में देश के गृह मंत्री द्वारा प्रदान किया गया।

देश और विदेश में अहम भूमिका
2005 बैच के आईपीएस अधिकारी श्री हक महाराष्ट्र कैडर से हैं और वर्तमान में इंटरपोल मुख्यालय (फ्रांस) में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए असिस्टेंट डायरेक्टर, एंटी-टेररिज्म डेस्क पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे सीबीआई मुंबई शाखा के प्रमुख रहे हैं और कई बड़े मामलों, जिनमें सुशांत सिंह राजपूत केस भी शामिल है, की जांच की निगरानी कर चुके हैं।

नक्सल क्षेत्र से इंटरपोल तक का सफर
महाराष्ट्र में सेवा के दौरान उन्होंने गड़चिरोली, गोंदिया और चंद्रपुर जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में एसपी के रूप में कार्य किया। पुणे, रायगढ़ और पालघर में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दीं। बाद में एटीएस मुंबई से उनकी नियुक्ति सीबीआई में हुई, जिसके बाद वे इंटरपोल पहुंचे।

बिलासपुर से इंटरपोल तक की प्रेरक कहानी
बिलासपुर निवासी श्री हक स्व. एम. एम. हक के छोटे सुपुत्र और क्रेडाई बिलासपुर के पूर्व अध्यक्ष सुहेल हक के अनुज हैं। उन्होंने शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (वर्तमान NIT रायपुर) से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर सिविल सेवा में देश की सेवा के लिए कदम बढ़ाया।

जल्द महाराष्ट्र में IG पद संभालेंगे
सीबीआई और इंटरपोल में शानदार कार्यकाल के बाद वे अब अपने मूल महाराष्ट्र कैडर में आईजी (इंस्पेक्टर जनरल) के रूप में लौटेंगे। आतंकवाद विरोधी अभियानों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने में उनका योगदान अनुकरणीय माना गया है।

बिलासपुर को गर्व
यह उपलब्धि न केवल श्री हक के लिए, बल्कि पूरे बिलासपुर और छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि समर्पण और कड़ी मेहनत से कोई भी व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकता है।

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