पश्चिम बंगाल में दो नए जांच आयोग गठित, भ्रष्टाचार और महिला अत्याचार मामलों की होगी पड़ताल

शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने राज्य में दो बड़े जांच आयोग बनाने का फैसला लिया है। नई सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया।
पहला आयोग पिछली सरकार के दौरान केंद्र और राज्य की विभिन्न योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोपों की जांच करेगा। इस आयोग की अगुवाई रिटायर्ड जस्टिस बिस्वजीत बसु करेंगे, जबकि आईपीएस अधिकारी जयरामन जांच की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सरकार का कहना है कि कई परियोजनाओं में संस्थागत स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थीं, जिनकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। आयोग केंद्र सरकार की सिफारिशों और योजनाओं से जुड़े मामलों की भी जांच करेगा।
वहीं दूसरा आयोग महिलाओं और बच्चों पर हुए अत्याचार के मामलों की जांच करेगा। इस आयोग की चेयरपर्सन रिटायर्ड जस्टिस संपति चटर्जी होंगी, जबकि आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन को इसमें अहम जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबान्न में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि दोनों आयोग अगले एक महीने के भीतर अपना काम शुरू कर देंगे। सरकार का दावा है कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।
बीजेपी लंबे समय से पिछली तृणमूल सरकार पर कटमनी और योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लगाती रही है। वहीं महिला सुरक्षा और अत्याचार के मुद्दे को भी चुनाव के दौरान प्रमुखता से उठाया गया था।





