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बेल्तरा विधायक सुशांत पर वादाखिलाफी का आरोप.. लिंगियाडीह के प्रभावित परिवारों ने मांगा न्याय……

बिलासपुर: बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के लिंगियाडीह इलाके में हालात उस समय बिगड़ गए जब प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। सड़क चौड़ीकरण के दौरान सैकड़ों लोग बेघर हो गए, और इसके बाद स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि बेलतरा के विधायक सुशांत शुक्ला ने उन्हें वादा किया था कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान उनके घरों को नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना के उनके घरों को उजाड़ दिया।

प्रभावित परिवारों ने पहले बेलतरा विधायक के कार्यालय का घेराव किया और फिर डिप्टी सीएम अरूण साव के बंगले का घेराव कर दिया। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया। वहीं, डिप्टी सीएम के प्रतिनिधि ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

लिंगियाडीह में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बिगड़े हालात

लिंगियाडीह इलाके में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सड़क किनारे बसे कई परिवार बेघर हो गए, और इन्हें पुनर्वास या मुआवजे का कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला। प्रभावित वार्डवासियों का कहना है कि विधायक सुशांत शुक्ला ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि घर तोड़े नहीं जाएंगे, लेकिन प्रशासन ने उनकी उम्मीदों के विपरीत उनके घरों को तोड़ दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आश्वासन दिया था कि इन घरों को नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन फिर भी प्रशासन ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। इस वादाखिलाफी से नाराज होकर प्रभावित परिवारों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया और फिर डिप्टी सीएम के बंगले का घेराव किया।

डिप्टी सीएम प्रतिनिधि से मुलाकात और उचित कार्रवाई का आश्वासन

प्रदर्शनकारियों के बढ़ते गुस्से को देख प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस बल की तैनाती की गई और डिप्टी सीएम के प्रतिनिधि ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। प्रतिनिधि ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, प्रभावित परिवार अब भी अपनी मांगों को लेकर सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

नगर निगम प्रशासन का सख्त रुख

अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान नगर निगम प्रशासन का सख्त रुख साफ दिखाई दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि सड़क चौड़ीकरण के लिए सभी अवैध कब्जे हटाए जाएंगे, चाहे कोई कितना भी विरोध करे। इस कार्रवाई के दौरान वार्डवासियों और नगर निगम अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की भी घटनाएं सामने आईं।

प्रभावित परिवारों की मुआवजे और पुनर्वास की मांग

प्रभावित परिवारों ने इस कार्रवाई को अन्याय बताते हुए मुआवजे और पुनर्वास की मांग की। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बेघर कर दिया गया और अब सरकार को उनके भविष्य को लेकर कोई ठोस कदम उठाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने उनके साथ अन्याय किया है और अब वे अपनी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

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