बस्तर ओलंपिक्स 2025 ने बदली बस्तर की पहचान, मुख्यमंत्री बोले:अब युवा ऊर्जा और विकास का नया केंद्र

बस्तर। कभी हिंसा और भय के साए में रहने वाला बस्तर अब तेजी से बदल रहा है। इसका सबसे बड़ा सबूत है बस्तर ओलंपिक्स 2025, जिसने पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और उम्मीद जगाई है। मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा,

“जो बस्तर कभी लाल आतंक के लिए जाना जाता था, आज वही बस्तर युवाओं की खेल प्रतिभा और सकारात्मक बदलाव का केंद्र बन गया है।”

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस साल आयोजित दूसरे संस्करण में खिलाड़ियों की संख्या दोगुने से भी ज्यादा बढ़ी है। यह दिखाता है कि बस्तर के युवा खेलों के प्रति गंभीर हैं और बेहतर भविष्य के लिए नए अवसर तलाश रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर अब बंदूकों का नहीं, बल्कि अवसरों और सपनों का नया लॉन्च पैड बन चुका है। युवाओं का उत्साह बताता है कि वे आत्मविश्वास से भरे हैं और मुख्यधारा में आगे बढ़ना चाहते हैं। सरकार की ओर से खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं, प्रशिक्षण और नए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

बस्तर ओलंपिक्स ने स्थानीय खेलों को नई पहचान दी है और क्षेत्र में शांति, एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत किया है। विभिन्न खेल विधाओं में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बस्तर के युवा राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना परचम लहराएंगे। उन्होंने कहा,

“अब बस्तर संघर्ष नहीं, बल्कि विकास, खेल, ऊर्जा और युवा शक्ति की नई कहानी लिख रहा है।”

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खिलाड़ी, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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