Atal Srivastava Statement: “घर बचाओ” की लड़ाई में उतरी महिलाएँ, विधायक अटल श्रीवास्तव बोले—“गरीबों को उजाड़ना अन्याय है….
Atal Srivastava Statement: लिंगियाडीह दुर्गा नगर में 113 मकानों पर संकट, महिलाओं का अनिश्चितकालीन धरना शुरू...

लिंगियाडीह दुर्गा नगर में पिछले 50 वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों के 113 मकानों को तोड़ने की तैयारी ने पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बना दिया है। (Atal Srivastava Statement) नगर निगम के सर्वे, नोटिस और सड़क चौड़ीकरण–नाला निर्माण की आड़ में बार-बार की कार्रवाई से परेशान महिलाएँ अब अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गई हैं। उनका कहना है कि अगर उनके घरों पर बुलडोज़र चला तो वे आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर हो जाएँगी। इस संघर्ष में उनके समर्थन में पहुंचे कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है—वे बार-बार कह रहे हैं कि गरीबों को उजाड़ने का कोई औचित्य नहीं है और यह पूरा कदम न्याय के खिलाफ है…
विधायक अटल श्रीवास्तव बोले—“गरीबों को उजाड़ना अन्याय है
लिंगियाडीह दुर्गा नगर के इन परिवारों का दावा है कि 1982 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह द्वारा उन्हें पट्टा दिया गया था, और तब से वे लगातार यहाँ बसे हुए हैं। (Atal Srivastava Statement) आवास योजना का उद्देश्य भी यही रहा है कि गरीब अपने कच्चे मकानों को पक्का कर सकें, और स्थानीय लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई से अपने घर बनाए भी। विधायक अटल श्रीवास्तव का कहना है कि ऐसे लोगों को अपराधी की तरह नोटिस देना या उजाड़ना न केवल नीतिगत त्रुटि है, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। अटल श्रीवास्तव स्पष्ट रूप से आरोप लगाते हैं कि बाहरी अफसर स्मार्ट सिटी के नाम पर बिना धरातल की वास्तविकता समझे गरीबों पर कार्रवाई कर रहे हैं…..
लिंगियाडीह दुर्गा नगर में 113 मकानों पर संकट, महिलाओं का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि पहले भी बिना किसी ठोस निर्माण कार्य के उनके मकानों को तोड़ा गया, और अब फिर से 113 मकानों को निशाना बनाया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों को विश्वास है कि यदि इस बार विधायक अटल श्रीवास्तव का समर्थन न मिलता, तो शायद उनकी आवाज कहीं नहीं सुनी जाती।
महिलाओं का अनिश्चितकालीन धरना शुरू, Atal Srivastava Statement
अटल श्रीवास्तव ने साफ कहा है—“1982 से जो लोग बसे हैं, उन्हें हटाने का कोई तर्क नहीं। गार्डन या स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के नाम पर गरीबों को उजाड़ना स्वीकार नहीं करेंगे।” धरना तीव्र होता जा रहा है और महिलाएँ चेतावनी दे रही हैं कि यदि उनके घरों पर हाथ डाला गया तो वे आत्मदाह तक के लिए मजबूर होंगी, जिसके बाद पूरे इलाके में माहौल और भी तनावपूर्ण होता जा रहा है…..





