रायपुर में एम्बुलेंस जाम में फंसी, 8 मिनट का सफर 28 मिनट में

रायपुर। रायपुर के ट्रैफिक की अव्यवस्था का ताजा उदाहरण बुधवार को सामने आया, जब एक इमरजेंसी मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस 8 मिनट के रास्ते में 28 मिनट तक जाम में फंसी रही। संजीवनी हॉस्पिटल से मरीज को PET स्कैन के लिए देवेंद्र नगर स्थित श्री नारायणा हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था, लेकिन ट्रैफिक जाम, ऑटो-ई-रिक्शा की अवैध पार्किंग, मालवाहक गाड़ियों की एंट्री और रॉन्ग साइड से आने वाले वाहनों ने सफर को मुश्किल बना दिया।
वीडियो में देखा गया कि पचपेड़ी नाका चौक पर बस और ट्रक की टर्निंग के कारण एम्बुलेंस की गति धीमी हुई, फिर जाम में फंस गई। ओवरब्रिज के नीचे ट्रैफिक थाना होने के बावजूद 50 मीटर दूर सड़क पर ऑटो और ई-रिक्शा खड़े थे, जिससे रास्ता संकरा हो गया। शंकर नगर एक्सप्रेस-वे पर मालवाहक गाड़ी सामने आ गई, जबकि यहां भारी वाहनों की एंट्री बंद है। रॉन्ग साइड से आते वाहनों और लोगों की लापरवाही ने स्थिति और खराब कर दी। ट्रैफिक ASP प्रशांत शुक्ला ने कहा कि इमरजेंसी वाहनों को प्राथमिकता देने के निर्देश हैं, लेकिन जहां दिक्कत ज्यादा है वहां समीक्षा कर समाधान निकाला जाएगा।
आंकड़े बताते हैं कि रायपुर में आबादी और वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन ट्रैफिक जवानों की संख्या नहीं बढ़ी। 2001 में 97 लोगों पर एक गाड़ी थी, 2011 में यह अनुपात घटकर 8 लोगों पर एक गाड़ी हो गया। नियम के मुताबिक 1000 वाहनों पर 1 ट्रैफिक जवान होना चाहिए, लेकिन रायपुर में उपलब्ध संख्या मानक से काफी कम है। पिछले 5 साल में शहर में सड़क हादसे भी बढ़े हैं। 2020 में 1766 हादसे हुए थे, जो 2024 में 2000 पार हो गए, वहीं मौतों की संख्या 482 से बढ़कर करीब 600 हो गई। यह साफ है कि ट्रैफिक प्रबंधन में तुरंत सुधार की जरूरत है।





