शिलपरी में तालाब गहरीकरण की आड़ में अवैध खनन का आरोप, सरपंच पर गंभीर सवाल

बिलासपुर के शिलपरी गांव में तालाब गहरीकरण के नाम पर अवैध खनन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच टीकाराम यादव जेसीबी और हाईवा मशीनों से मिट्टी और पत्थर निकलवाकर उन्हें बेच रहे हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे काम का कोई सरकारी रिकॉर्ड नहीं है, और ना ही किसी तरह की पारदर्शिता दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि बड़ी-बड़ी मशीनों से दिन-रात खनन का काम चल रहा है, लेकिन प्रशासन और खनिज विभाग पूरी तरह चुप है।
मिट्टी और पत्थर को ऊंचे दामों में बेचा जा रहा है, वहीं तालाब के पास बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। वहां सरपंच के लोगों की निगरानी में पूरा इलाका बंद जैसा कर दिया गया है। जब ग्रैंड न्यूज़ की टीम ने सरपंच से बात करनी चाही, तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, तालाब गहरीकरण के लिए कई कानूनी प्रक्रियाएं होती हैं—जैसे पर्यावरणीय मंजूरी, जल जांच और पुनर्वास की योजना। इनका पालन न होना सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि पर्यावरण और गांव के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पर कड़ी कार्रवाई करेगा या यह मामला भी बाकी मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।





