शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले कृषि अधिकारी को उम्रकैद

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के रहने वाले कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को दुष्कर्म के मामले में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी पर आरोप था कि उसने अपनी कॉलेज मित्र को शादी का झांसा देकर कई वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में जाति का हवाला देकर शादी से इनकार कर दिया।

कॉलेज से शुरू हुआ संबंध, शादी का दिया भरोसा
पीड़िता और आरोपी की मुलाकात जगदलपुर के एग्रीकल्चर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। बाद में दोनों रायपुर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी साथ करने लगे। इसी दौरान आरोपी ने युवती को प्रेम प्रस्ताव दिया। शुरुआत में युवती ने अलग जाति होने के कारण मना किया, लेकिन आरोपी ने नौकरी लगने के बाद शादी का वादा किया। इसी भरोसे पर दोनों के बीच संबंध बने।

नौकरी लगते ही बदला व्यवहार, जाति को बनाया मुद्दा
साल 2024 में सरकारी नौकरी मिलने के बाद आरोपी का व्यवहार बदल गया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उसे उसकी जाति को लेकर अपमानित करना शुरू कर दिया और शादी से साफ इनकार कर दिया। इसके बावजूद आरोपी ने कई बार शादी का झांसा देकर संबंध बनाए। दिसंबर 2025 में उसने स्पष्ट कह दिया कि वह सतनामी समाज की लड़की से शादी नहीं करेगा और किसी अन्य से विवाह करना चाहता है।

कोर्ट ने माना गंभीर अपराध, सुनाई कड़ी सजा
मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता, उसकी मां और भाई के बयानों के साथ मेडिकल रिपोर्ट को भी साक्ष्य माना गया। अदालत ने कहा कि आरोपी शुरू से पीड़िता की जाति जानता था, फिर भी उसने धोखे से उसका शोषण किया। कोर्ट ने आरोपी को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद के साथ अन्य धाराओं में 10-10 साल की सजा और जुर्माना भी लगाया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

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