सरकारी कागजों में पिता को ‘मृत’ दिखाकर नाबालिगों की जमीन हड़पी, सकरी थाने की सुस्ती पर उठे सवाल

बिलासपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था और सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ भू-माफियाओं ने नाबालिग बच्चों की करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के लिए उनके जीवित पिता को ही सरकारी रिकॉर्ड में ‘मृत’ घोषित कर दिया।

मामला सकरी थाना क्षेत्र का है। पीड़ित मनीष कुमार शुक्ला, निवासी रायगढ़, के तीन नाबालिग बच्चों के नाम पर सकरी इलाके में कीमती जमीन थी। आरोप है कि जांजगीर-चांपा के अखिलेश कुमार पांडेय और उसके साथियों ने साजिश रचकर मनीष शुक्ला को कागजों में मृत दिखाया और बच्चों की जमीनों की रजिस्ट्री करवा दी। इस पूरे सौदे में न तो बच्चों को कोई हिस्सा मिला और न ही किसी स्तर पर सही जांच की गई।

हैरानी की बात यह है कि जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर जमीन का नामांतरण और विक्रय हो गया, लेकिन रजिस्ट्री कार्यालय और राजस्व विभाग ने कोई सवाल नहीं उठाया। इससे सरकारी सिस्टम की लापरवाही भी उजागर हो रही है।

पीड़ित मनीष शुक्ला का कहना है कि वे 22 दिसंबर से लगातार सकरी थाने के चक्कर काट रहे हैं। पुलिस ने बयान और दस्तावेज तो लिए, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। न्याय न मिलने पर अब उन्हें एसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा है, जहाँ वे अपने ‘जिंदा’ होने का सबूत लेकर पहुँचे।

इस मामले में पुलिस की धीमी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या भू-माफियाओं का दबाव है, या फिर पूरे खेल में किसी स्तर पर मिलीभगत है? फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है और लोग पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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