कांग्रेस में फिलहाल कोई फेरबदल नहीं, प्रदेश अध्यक्ष बदलने की खबरें बेबुनियाद

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी इस समय किसी भी राज्य में प्रदेश अध्यक्ष या प्रदेश कार्यकारिणी में बदलाव करने के मूड में नहीं है। हाल ही में दिल्ली के एक पत्रकार के ट्वीट से पार्टी में हलचल की खबरें सामने आई थीं, जिनमें छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष को बदले जाने की बात कही गई थी। हालांकि ये खबरें पूरी तरह से झूठी और निराधार साबित हो रही हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल किसी भी राज्य में प्रदेश अध्यक्ष बदलने को लेकर न तो कोई सुगबुगाहट है और न ही इस पर कोई चर्चा चल रही है। पार्टी का पूरा ध्यान आने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों पर केंद्रित है। इसी क्रम में राहुल गांधी सभी राज्यों के प्रभारियों और स्कैनिंग कमेटी के प्रमुखों से एक-एक कर मुलाकात कर रहे हैं।
इसी सिलसिले में तमिलनाडु के स्कैनिंग कमेटी प्रमुख टी.एस. सिंहदेव से भी राहुल गांधी ने बैठक की है। बताया जा रहा है कि टी.एस. सिंहदेव फिलहाल तमिलनाडु में मिली जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाने पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने भी पार्टी में किसी तरह के बदलाव की अटकलों को खारिज किया है।

गौरतलब है कि कांग्रेस के कई राज्यों में अंदरूनी मतभेद सामने आ चुके हैं। राजस्थान में सचिन पायलट और अशोक गहलोत, कर्नाटक में सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार तथा गुजरात में शक्ति सिंह गोहिल से जुड़े विवाद पहले से मौजूद हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी फिलहाल किसी भी राज्य में बड़ा फैसला लेने से बच रही है।
सूत्रों का कहना है कि पांच राज्यों के चुनावों के बाद कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव संभव हैं, लेकिन अभी इससे इनकार नहीं किया जा सकता। छत्तीसगढ़ में दो कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना अप्रैल-मई तक जताई जा रही है, हालांकि इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
कुल मिलाकर, कांग्रेस में इस समय प्रदेश अध्यक्ष बदलने को लेकर चल रही चर्चाएं केवल अटकलें हैं। पार्टी नेतृत्व फिलहाल चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर ही ध्यान दे रहा है।





