डीएवीवी की अंकसूची होगी हाई-टेक और सुरक्षित, क्यूआर कोड से मिलेगी पूरी शैक्षणिक जानकारी

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने डिग्री की तर्ज पर अब अंकसूची को भी हाई-टेक और पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। विश्वविद्यालय की नई मार्कशीट में कई आधुनिक सुरक्षा फीचर जोड़े जाएंगे, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।

नई व्यवस्था के तहत अंकसूची पर विश्वविद्यालय का विशेष लोगो, मोनोग्राम और किनारों पर उभरा हुआ वॉटरमार्क होगा। इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले कागज का उपयोग किया जाएगा, जो न तो आसानी से फटेगा और न ही जलेगा। इन बदलावों से नकली मार्कशीट तैयार करना लगभग असंभव हो जाएगा।

अंकसूची में क्यूआर कोड सबसे अहम सुरक्षा फीचर होगा। इसे स्कैन करते ही संबंधित छात्र की पूरी शैक्षणिक जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगी। इससे किसी भी संस्थान या नियोक्ता के लिए अंकसूची का सत्यापन आसान हो सकेगा।

नई मार्कशीट को डिजिलॉकर और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स से सीधे जोड़ा जाएगा। वर्ष 2020-21 के बाद प्रवेश लेने वाले छात्रों के पास पहले से एबीसी और आयुष्मान आईडी मौजूद हैं, जिन्हें सिस्टम से इंटीग्रेट किया जाएगा। इससे छात्र कभी भी अपनी सत्यापित डिजिटल अंकसूची ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे और विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

नई शिक्षा नीति के तहत अंकसूची में अब केवल अंकों के बजाय प्रत्येक विषय के क्रेडिट भी दर्शाए जाएंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय ने विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया है। आधुनिक तकनीक और बेहतर कागज के उपयोग से लागत में मामूली बढ़ोतरी संभव है, लेकिन विश्वविद्यालय का कहना है कि यह बदलाव छात्रों की सुविधा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार नई अंकसूची व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और इसके लिए शीघ्र ही टेंडर जारी किया जाएगा।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई