रेलवे अनुमति के बिना पीडब्ल्यूडी ने बनाई सड़क, दो बड़े प्रोजेक्ट अटके; ओवरब्रिज निर्माण एक साल लेट

पीडब्ल्यूडी और रेलवे के बीच समन्वय की कमी के चलते रायपुर में दो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाएं लंबे समय से अधर में लटकी हुई हैं। रविशंकर विश्वविद्यालय से डूमरतालाब तक प्रस्तावित सड़क और कचना रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण विवाद और अनुमति न मिलने के कारण प्रभावित हुआ है।

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने रेलवे की अनुमति के बिना ही उसकी जमीन पर करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया। ठेका एजेंसी द्वारा गिट्टी बिछाने का काम शुरू किया गया, लेकिन रेलवे अधिकारियों को जानकारी मिलने के बाद निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगा दी गई। इसके चलते यह सड़क पिछले चार वर्षों से अधूरी पड़ी है। सड़क पर फैली गिट्टी के कारण आवाजाही में दिक्कतें और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।

इस सड़क के पूरा होने से विश्वविद्यालय क्षेत्र से रिंग रोड क्रमांक-1 तक सीधी और आसान पहुंच संभव थी, लेकिन विवाद के कारण स्थानीय लोगों को अभी भी लंबा और जटिल रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

वहीं कचना रेलवे लाइन के ऊपर बन रहा ओवरब्रिज भी पीडब्ल्यूडी-रेलवे विवाद की भेंट चढ़ गया है। ओवरब्रिज का करीब 90 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन तीन स्लैब और 18 गर्डर चढ़ाने के लिए रेलवे से ब्लॉक की अनुमति नहीं मिलने के कारण काम रुका हुआ है। पहले इसे अप्रैल 2025 तक पूरा करने का दावा किया गया था, लेकिन अब मार्च 2026 तक पूरा होने की बात कही जा रही है।

इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। रेलवे लाइन पर हर 10 से 12 मिनट में ट्रेन गुजरने के कारण फाटक बार-बार बंद होता है, जिससे लोगों को जाम और देरी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और कार्यालय होने के कारण परेशानी और बढ़ जाती है।

पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कराने और रेलवे से आवश्यक अनुमति लेकर काम पूरा करने की बात कही है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि मुख्य रेल मार्ग होने के कारण सभी तकनीकी और सुरक्षा तैयारियों के बाद ही ब्लॉक की अनुमति दी जाएगी।

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