रायपुर में द्वितीय नेशनल होम्योपैथिक सेमिनार का शुभारंभ, स्वास्थ्य मंत्री बोले – होम्योपैथी का भविष्य उज्ज्वल

रायपुर। होम्योपैथिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन, रायपुर द्वारा आयोजित द्वितीय नेशनल होम्योपैथिक सेमिनार का आयोजन 13 और 14 दिसंबर को रायपुर में किया जा रहा है। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सेमिनार का शुभारंभ किया।
दो दिवसीय इस सेमिनार में होम्योपैथी के जरिए कैंसर उपचार की संभावनाओं सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा गहन चर्चा की जा रही है। कार्यक्रम में डायरेक्टर आयुष संतन देवी जांगड़े, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.के. पात्रे, एम.ए.आर.बी.एच. के अध्यक्ष डॉ. आनंद चतुर्वेदी, रजिस्ट्रार आयुष डॉ. संजय शुक्ला सहित प्रदेश और देश के कई वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे।
सेमिनार को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भविष्य में आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ होम्योपैथी का भी बड़ा योगदान होगा। उन्होंने युवा होम्योपैथिक चिकित्सकों से अपील की कि वे अपने वरिष्ठ और अनुभवी डॉक्टरों से सीख लेकर इस चिकित्सा पद्धति को और आगे बढ़ाएं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। पहले जहां मरीजों को इलाज के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता था, अब प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। आसपास के राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए छत्तीसगढ़ आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि रायपुर में योग एवं नेचुरोपैथी कॉलेज की स्थापना की जा रही है और नव रायपुर में 5 हजार बेड की मेडिसिटी स्थापित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। सरकार सभी चिकित्सा पद्धतियों को समान महत्व दे रही है और होम्योपैथी के विकास के लिए हरसंभव सहयोग करेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में होम्योपैथी का भविष्य उज्ज्वल है और सरकार चिकित्सकों के सुझावों को गंभीरता से लेकर उन्हें लागू करने का प्रयास करेगी।





