बिलासपुर में पानी का बड़ा संकट: 18 हजार से अधिक घरों में सप्लाई बंद, टैंकर भी नाकाफी

बिलासपुर शहर में पेयजल संकट गहरा गया है। खारंग जलाशय की दायीं तट नहर की मरम्मत के कारण अमृत मिशन के तहत होने वाली पानी सप्लाई पिछले कई दिनों से बंद है। इसका असर शहर के लगभग 18 हजार से ज्यादा घरों पर पड़ा है। आधे से अधिक इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह बाधित है, जबकि कई क्षेत्रों में पानी इतनी धीमी रफ्तार से आ रहा है कि एक बाल्टी भरने में ही 15 से 20 मिनट तक लग रहे हैं।
तालापारा, जरहाभाठा, विनोबा नगर, कुम्हारपारा, मंझवापारा और तालापारा तालाब क्षेत्र सहित कई मोहल्लों में स्थिति गंभीर है। यहां के निवासी पानी के लिए परेशान हैं और कई जगह हाहाकार जैसी स्थिति बन गई है। अमृत मिशन के सभी घरों तक पानी खारंग जलाशय से नहर के माध्यम से पहुंचता है, लेकिन नहर के आरडी 1300 से 1500 मीटर तक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी का बड़े पैमाने पर रिसाव हो रहा था। इसी वजह से 21 नवंबर से नहर को सुखाकर मरम्मत कार्य शुरू किया गया।
निगम प्रबंधन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि मरम्मत के दौरान पानी की कमी हो सकती है, लेकिन समस्या इतनी व्यापक होगी, इसका अनुमान नहीं लगाया गया था। जल विभाग की तैयारी कमजोर निकली। बोरिंग से टंकियों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, वहीं कई जगह पुरानी पाइपलाइन के लीकेज से भी सप्लाई का फ्लो बेहद कम हो गया है। इन कारणों से शहर में पानी की आपूर्ति लगभग ठप हो चुकी है।
प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पानी भेजा जा रहा है, लेकिन यह भी पर्याप्त नहीं है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होने के कारण मांग के अनुसार पानी पहुंचाना मुश्किल हो रहा है और टैंकरों की कमी साफ दिखाई दे रही है।
जल संसाधन विभाग ने मरम्मत कार्य पूरा करने के लिए कम से कम 15 दिनों का समय बताया है, इसलिए अनुमान है कि पानी की समस्या अगले दो से तीन सप्ताह तक बनी रह सकती है।
वार्ड 23 के पार्षद प्रतिनिधि रामा बघेल ने बताया कि क्षेत्र में 21 नवंबर से ही पानी की सप्लाई बाधित है। कई घरों में क्षमता से कम बोर होने के कारण स्थिति और खराब हो गई है। निगम के अधिकारियों पर समस्या समाधान के लिए प्रभावी कदम न उठाने का भी आरोप लगाया गया है।
शहरवासियों का कहना है कि सुबह-शाम दो घंटे सप्लाई के बावजूद पानी का फ्लो इतना कमजोर है कि जरूरत पूरी नहीं हो पा रही। ऐसी स्थिति में आगामी दिनों में संकट और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।





