Railway Negligence: लालखदान रेल हादसे की जांच में बड़ा खुलासा इंजन का कैमरा 6 महीने से खराब
Railway Negligence: हादसे के वक्त नहीं चल रहा था इंजन कैमरा,रिकॉर्डिंग तक नहीं मिली

बिलासपुर के लालखदान रेल हादसे की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है! (Railway Negligence) जांच में पता चला है कि जिस मेमू ट्रेन के इंजन का कैमरा हादसे के वक्त चालू होना चाहिए था, वो पिछले छह महीनों से खराब पड़ा था। यह वही कैमरा है जो हादसे के असली कारणों को उजागर कर सकता था, लेकिन अब उसकी रिकॉर्डिंग तक मौजूद नहीं है।
विद्युत विभाग ने भेजा था कैमरा बदलने का प्रस्ताव,लेकिन फाइलों में दब गया मामला
जानकारी के मुताबिक, इंडिया रेल इंफो की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इंजन कैमरा बदलने का प्रस्ताव विद्युत विभाग ने पहले ही भेज दिया था, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते यह काम कभी पूरा नहीं हुआ। यानी जिस तकनीक से हादसे की सच्चाई सामने आ सकती थी वही तकनीक महीनों से बंद पड़ी थी।हादसे के बाद जब जांच शुरू हुई, तो सबसे पहले जांच टीम ने इंजन के कैमरे की रिकॉर्डिंग तलाशनी चाही।
रेलवे अधिकारी बोले-अभी जांच जारी, लेकिन तकनीकी चूक ने बढ़ाई मुश्किलें….
लेकिन चौंकाने वाली बात यह निकली कि मोटर कोच में कैमरा था ही नहीं और जहां होना चाहिए था, वहां नया कैमरा लगाने का काम अधूरा छोड़ दिया गया था।रेलवे के अंदर यह बड़ी तकनीकी और प्रशासनिक चूक मानी जा रही है। सुरक्षा के लिहाज़ से हर इंजन और कोच में कैमरे लगाना अनिवार्य है, ताकि ट्रेन के सामने की गतिविधियां और कोच के भीतर की स्थिति दोनों रिकॉर्ड की जा सकें। लेकिन लालखदान हादसे में यही सिस्टम नाकाम साबित हुआ।हालांकि सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार सिंह ने इस रिपोर्ट को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी।
फिलहाल जांच जारी
लेकिन सवाल बड़ा है। (Railway Negligence) अगर कैमरा काम कर रहा होता, तो शायद हादसे के असली कारण और जिम्मेदारों का पता अब तक चल गया होता। क्या यह लापरवाही सिर्फ एक गलती है, या फिर किसी की जान की कीमत पर बचाई गई सुविधा?फिलहाल जांच जारी है और सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि क्या रेलवे प्रशासन अपनी गलती स्वीकार करेगा या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा।लालखदान हादसे की सच्चाई अब सिर्फ जांच रिपोर्ट से ही सामने आएगीऔर पूरा देश उसका इंतज़ार कर रहा है।





