JCB’s Assault on History: रतनपुर के ऐतिहासिक गज किला में कानून की धज्जियां उड़ाकर सीना चीर रही मशीनें…

संरक्षित गज किला परिसर में बिना अनुमति अवैध खुदाई.....

आज हम आपको एक ऐसी खबर दिखाने जा रहे हैं जिसे देखकर अपनी ऐतिहासिक विरासतों से प्यार करने वाले हर शख्स की रूह काँप जाएगी। (JCB’s Assault on History) न्यायधानी के ऐतिहासिक रतनपुर में स्थित राष्ट्रीय महत्व के ‘गज किला’ परिसर को, जिसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने एक संरक्षित स्मारक घोषित कर रखा है, जेसीबी मशीनों से बेरहमी से खोदा जा रहा। प्राचीन अधिनियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हुए इस ऐतिहासिक धरोहर के सीने पर गहरे जख्म दिए जा रहे हैं जब इस खुदाई को स्थानीय लोगों ने देखा, तो उनका खून खौल उठा। आखिर किसकी शह पर इतिहास को दफन करने का यह खौफनाक खेल खेला जा रहा देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट ……

संरक्षित गज किला परिसर में बिना अनुमति अवैध खुदाई (JCB’s Assault on History)

​रतनपुर का गौरवशाली और सदियों पुराना इतिहास आज अपनी बदहाली और प्रशासनिक क्रूरता पर आंसू बहाने को मजबूर है। राष्ट्रीय महत्व के संरक्षित स्मारक गज(हाथी )किला परिसर के भीतर जिस तरह भारी-भरकम जेसीबी मशीनें उतारी गईं और बिना किसी खौफ के खुदाई का काम जारी हैं उसने पुरातत्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की सजगता के दावों को पूरी तरह मटियामेट कर दिया है।

प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम के सख्त नियम कहते हैं कि किसी भी संरक्षित धरोहर के 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की खुदाई और निर्माण करना एक संगीन अपराध है। लेकिन इस ऐतिहासिक परिसर के भीतर कानून को बंधक बनाकर इतिहास के पन्नों को बेदर्दी से चीरा जाता रहा, जिससे पूरी धरोहर का अस्तित्व ही खतरे में नजर आने लगा है…….

​इस खनन की भनक जैसे ही लोगो को लगी, उनका गुस्सा फूट पड़ा और वे फौरन इस किले की तरफ दौड़े। जब सजग ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने मौके पर पहुंचकर इस विनाशकारी खुदाई का पुरजोर विरोध किया और काम करवा रहे लोगों से अनुमति के दस्तावेज मांगे, तो वहां मौजूद जिम्मेदार बगलें झांकने लगे। मौके पर न तो कोई वैध अनुमति पत्र था और न ही पुरातत्व विभाग का कोई आदेश।

हद तो तब हो गई जब नियमानुसार कार्यस्थल पर लगाया जाने वाला कोई भी अनिवार्य सूचना बोर्ड तक वहां गायब मिला, जिसने इस पूरी कार्रवाई की नीयत पर गहरे और बेहद संगीन सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग यह सोचकर ही कांप उठ रहे हैं कि यदि हमारी जीती-जागती ऐतिहासिक धरोहरों के भीतर बिना किसी रोक-टोक के ऐसे विध्वंसक खेल चलते रहे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी गौरवशाली पहचान का नामोनिशान तक नहीं बचेगा…..

​कानून के जानकारों की मानें तो देश की अनमोल और संरक्षित धरोहरों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में इस तरह चोरी-छिपे बिना अनुमति के खुदाई या निर्माण का दुस्साहस करना सीधे तौर पर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने वाला दंडनीय अपराध है, जिसमें भारी जुर्माने के साथ-साथ कठोर कारावास का कड़ा प्रावधान है।

इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद अब रतनपुर की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।लोगों का साफ कहना है कि इतनी बड़ी ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा और निगरानी में इतनी खौफनाक चूक कैसे हुई, इसकी जवाबदेही तय की जाए और इस महापाप को अंजाम देने वाले ठेकेदारों और आंखें मूंदे बैठे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ ऐसी सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए जो आगे के लिए एक सबब बन सके…….

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई