सोनी सोढ़ी का बड़ा बयान: बोलीं- नक्सलवाद कभी खत्म नहीं होगा, आदिवासियों के फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं

बस्तर की सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोढ़ी ने तेलंगाना के करीमनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद कभी खत्म नहीं होगा, क्योंकि आज भी आदिवासियों के फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। सोढ़ी ने आरोप लगाया कि सरकार जल-जंगल-जमीन की लड़ाई लड़ने वाले आदिवासियों की आवाज को कुचलना चाहती है।
उन्होंने बताया कि सीसीएम रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा को भी फर्जी तरीके से मारा गया है। साथ ही, सीसीएम भूपति और रूपेश के सरेंडर को लेकर कहा कि उन्होंने आदिवासियों से एक बार भी बात नहीं की, न जन अदालत लगाई, न ही जनता की राय ली। सोढ़ी ने कहा कि आदिवासी हमेशा जल-जंगल-जमीन बचाने की लड़ाई में उनके साथ रहे, लेकिन सरेंडर के फैसले में उन्हें शामिल नहीं किया गया।
सोनी सोढ़ी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और कहा कि “वे केवल आदिवासियों को खत्म करने की बात कर रहे हैं ताकि बस्तर की पहाड़ियों को कॉर्पोरेट घरानों को बेचा जा सके।” उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अब आदिवासियों के अस्तित्व की लड़ाई बन गया है।
वहीं, छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने सोढ़ी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे सिर्फ भ्रम फैला रही हैं। शर्मा ने कहा, “क्या हथियार लेकर जंगलों में घूमना, शिक्षकों और निर्दोषों की हत्या करना जायज है? सरकार का लक्ष्य है कि भारत का संविधान हर कोने तक पहुंचे।”
गौरतलब है कि हाल ही में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर पोलित ब्यूरो सदस्य मोजुल्ला उर्फ भूपति ने 60 साथियों के साथ सरेंडर किया था। उस पर 6.5 करोड़ रुपये का इनाम था। वहीं, बस्तर में नक्सली प्रवक्ता रूपेश समेत 140 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए। इनमें से कई बड़े कैडर के सदस्य थे और इनके पास से एके-47, इंसास राइफलें और अन्य हथियार बरामद हुए।
सोनी सोढ़ी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकार नक्सलवाद के सफाये को लेकर दावा कर रही हैं कि अगले एक साल में पूरा बस्तर नक्सल मुक्त हो जाएगा। लेकिन सोढ़ी का कहना है — “जब तक आदिवासियों के अधिकारों को छीना जाएगा, तब तक नक्सलवाद खत्म नहीं होगा।”





