बिलासपुर में बिना सुरक्षा संचालित बारूद फैक्ट्री, मजदूर खुले में बना रहे पटाखे

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नियमों की अनदेखी कर एक पटाखा फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है। शहर से सटे सरकंडा क्षेत्र के ग्राम बैमा में स्थित यह फैक्ट्री बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के चल रही है। यहां मजदूर खुले बारूद के ढेर पर बैठकर पटाखे तैयार कर रहे हैं, जबकि फैक्ट्री में न तो आग बुझाने के उपकरण हैं और न ही किसी तरह के सुरक्षा उपाय किए गए हैं।
फैक्ट्री के परिसर में केवल तीन छोटे-छोटे कमरे बने हैं, जिनमें बम और अन्य पटाखों का निर्माण हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, मजदूरों को विस्फोटक सामग्री मिलाने का सही ज्ञान नहीं है, वे अनुमान के आधार पर अमोनियम क्लोराइड, गंधक और चारकोल पाउडर को मिलाकर बारूद तैयार कर रहे हैं। यह खतरनाक तरीका किसी भी समय बड़े हादसे को जन्म दे सकता है।
फैक्ट्री का संचालन इमरान खान उर्फ पप्पी नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, जिसकी पटाखों की दुकान शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित है। फैक्ट्री के गेट पर कोई बोर्ड नहीं लगा है और अंदर सुरक्षा नियमों का पूरी तरह उल्लंघन हो रहा है। परिसर में विस्फोटक पदार्थ खुले में रखे हैं, जबकि वहां आग बुझाने के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
जिला प्रशासन के अनुसार, बिलासपुर में केवल दो व्यक्तियों को पटाखा निर्माण का वैध लाइसेंस मिला हुआ है। लेकिन, जिन स्थानों पर फैक्ट्रियां और गोदाम चल रहे हैं, वहां आवश्यक सुरक्षा परीक्षण नहीं किए गए हैं। पिछले साल सितंबर में शहर के पटाखा गोदाम में भीषण आग लगी थी, जिसके बाद जांच समिति बनाई गई थी, पर उसकी रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई।
एसडीएम मनीष साहू ने कहा कि फैक्ट्री या गोदाम संचालकों को सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यदि कोई अवैध रूप से काम कर रहा है या सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहा है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस खुलासे से एक बार फिर प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। दिवाली के नजदीक आने से ऐसे हादसों की आशंका बढ़ गई है, जबकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है।





