रायपुर में सीएम विष्णुदेव साय ने किया करमा तिहार का शुभारंभ, बोले- संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत–करमा तिहार कार्यक्रम में पारंपरिक पूजा-अर्चना कर इसकी शुरुआत की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम साय ने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपरा हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इसे जीवंत बनाए रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि करमा तिहार आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण पर्व है, जो बेटियों की सुख-समृद्धि और अच्छे जीवन की कामना के लिए मनाया जाता है।
सीएम ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति बेहद समृद्ध रही है और यहां अंग्रेजों के खिलाफ 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। राज्य सरकार नया रायपुर के ट्राइबल म्यूजियम में आदिवासी नायकों की छवि को प्रदर्शित करने जा रही है, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रजत जयंती समारोह के अवसर पर करेंगे।
उन्होंने बताया कि सरकार आदिवासी समाज को शिक्षा, स्वरोजगार और उद्योग से जोड़कर सशक्त बनाने पर काम कर रही है। नई उद्योग नीति में बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। वहीं, राज्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाओं की भी स्थापना की जा रही है।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने भी संबोधित किया और कहा कि करमा तिहार प्रकृति और संस्कृति के प्रति प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने बस्तर पांडुम जैसे आयोजनों का जिक्र करते हुए इसे गौरवशाली परंपरा बताया।
कार्यक्रम में कंवर समाज की संरक्षक कौशिल्या साय ने कहा कि आदिवासी समाज और प्रकृति एक-दूसरे के पूरक हैं। महिलाओं की भूमिका संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में अहम हो सकती है।





