छत्तीसगढ़ में नशे पर सख्त कार्रवाई की मांग, सरकार से कड़े कानून बनाने की अपील

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नशे की लत और नशे में वाहन चलाने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। आए दिन शराब और अन्य नशे की हालत में लापरवाही से वाहन चलाने के कारण सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें कई निर्दोष लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इसे देखते हुए लोगों ने राज्य सरकार से अपील की है कि नशे पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएँ।

लोगों का कहना है कि सरकार को नशे से जुड़े हर सामान पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति इसके बावजूद चोरी-छिपे नशे का कारोबार करता है, दूसरे राज्यों या जिलों में सप्लाई करता है या स्वयं नशा करता हुआ पकड़ा जाता है, तो उस पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

नशे में वाहन चलाने वालों पर भी कानून को और सख्त करने की आवश्यकता बताई जा रही है। प्रस्ताव है कि नशे की हालत में वाहन चलाते पकड़े गए लोगों का ड्राइविंग लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाए। इतना ही नहीं, उन पर भारी-भरकम जुर्माने के साथ आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान होना चाहिए। इससे लोग नशे में वाहन चलाने से पहले कई बार सोचेंगे और सड़क हादसों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।

सिर्फ कड़े कानून ही काफी नहीं होंगे। प्रशासन और पुलिस को भी लगातार सतर्क रहना होगा। नशे के अड्डों पर नियमित गश्त हो, ताकि वहाँ किसी तरह का अवैध कारोबार न हो सके। शहरों की गलियों, मोहल्लों, चौक-चौराहों और हाईवे पर ट्रैफिक पुलिस को नियमित चेकिंग अभियान चलाना चाहिए। इससे नशे का सामान सप्लाई करने वालों और नशे में गाड़ियाँ दौड़ाने वालों पर तुरंत लगाम कसी जा सकेगी।

लोगों का कहना है कि कई बार नशाखोरी करने वाले चोरी-छिपे शराब या अन्य नशे का सेवन करते हैं और फिर सड़क पर वाहन चलाते हैं। ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। पुलिस को इस दिशा में और सख्त रवैया अपनाने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नशे पर रोक लगाना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को जागरूक होना होगा। जब तक लोग स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को रोकने का संकल्प नहीं लेंगे, तब तक कानून कितने भी सख्त क्यों न हों, नशाखोरी पर पूरी तरह अंकुश लगाना मुश्किल होगा।

राज्य में लगातार सड़क हादसे और नशे से बिगड़ता माहौल इस बात का संकेत है कि अब सख्त कार्रवाई का समय आ गया है। यदि सरकार और प्रशासन मिलकर कड़े कानून और सख्ती से उनका पालन सुनिश्चित करें, तो छत्तीसगढ़ को नशामुक्त और सुरक्षित बनाया जा सकता है।

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