छत्तीसगढ़: ननों की गिरफ्तारी पर गरमाई सियासत, कांग्रेस सांसदों ने बताया अल्पसंख्यकों पर हमला

रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो ननों की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। ननों पर मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोप लगे हैं, जिन्हें लेकर कांग्रेस सांसदों ने खुलकर नाराज़गी जताई है।
कांग्रेस के कई सांसद, जिनमें बेनी बहनन, फ्रांसिस जॉर्ज, एन.के. प्रेमचंदन, अनिल ए. थॉमस, सप्तगिरी उल्का और जरीता लैतफ्लांग शामिल हैं- ननों से मिलने पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने इसे अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया।
सांसदों का कहना है कि जिन तीन महिलाओं को लेकर आरोप लगाया गया है, उनकी उम्र 21, 23 और 25 साल है और वे सिर्फ काम के सिलसिले में यात्रा कर रही थीं। लेकिन बजरंग दल ने उन पर धर्मांतरण और मानव तस्करी का आरोप लगाते हुए पुलिस कार्रवाई करवाई।
कांग्रेस सांसदों ने कहा, “बिना किसी ठोस सबूत के ननों को परेशान किया गया है। ये कार्रवाई न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि संविधान में दिए गए धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन भी है।” उन्होंने कहा कि ओडिशा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मणिपुर जैसे बीजेपी शासित राज्यों में ऐसे ही घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं।
अब इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सीधे बात की जाएगी। कांग्रेस सांसदों की यह टीम इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर पार्टी आलाकमान को सौंपेगी।
यह मामला अब सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता, राजनीति और कानून व्यवस्था का बड़ा सवाल बन गया है।





