भाजयुमो अध्यक्ष पर कार्रवाई, सियासत तेज

रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत को लेकर उठे विवाद ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। सोशल मीडिया से लेकर विवाद जारी है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेतृत्व पर हमला करते हुए लिखा कि रवि भगत को पार्टी से निष्कासित करने की धमकी इसलिए दी जा रही है क्योंकि वे एक मंत्री से लगातार सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने डीएमएफ और सीएसआर फंड में हो रहे भ्रष्टाचार को छिपाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि भाजपा और आरएसएस की आदिवासी विरोधी सोच उजागर हो रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भी भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि रवि भगत ने एक आदिवासी युवा की पीड़ा को गाने के माध्यम से उजागर किया है। प्रदेश में डीएमएफ फंड का दुरुपयोग हो रहा है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को उनका हक नहीं मिल रहा। वहीं, भाजपा के मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आरोपों पर पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि एक आदिवासी मुख्यमंत्री का नेतृत्व प्रदेश में हो रहा है और भाजपा ने ही देश को पहली आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दी है। बघेल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे की गिरफ्तारी का विरोध करते हैं लेकिन आदिवासी नेता कवासी लखमा के मामलों पर चुप रहते हैं। यह मामला भाजपा के अंदरूनी मतभेद और आदिवासी नेतृत्व के साथ राजनीतिक समीकरणों को उजागर कर रहा है। रवि भगत को लेकर पार्टी और विपक्ष में चल रही सियासत आने वाले समय में और गरमा सकती है।





