सरगुजा के तीन मंत्रियों ने छोड़ा वीआईपी काफिला: ईंधन बचत के लिए प्रोटोकॉल वाहनों के उपयोग पर रोक

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग से आने वाले प्रदेश के तीन मंत्रियों ने प्रोटोकॉल और फॉलो वाहनों के उपयोग को सीमित करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन संरक्षण और सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने की अपील के बाद यह निर्णय लिया गया है। मंत्रियों ने कहा है कि अब केवल जरूरी परिस्थितियों में ही इन वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
सामान्य परिस्थितियों में नहीं चलेगा काफिला
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल और मंत्री रामविचार नेताम ने निर्देश जारी कर कहा है कि सामान्य स्थिति में पायलट वाहन, फॉलो गाड़ी और अतिरिक्त प्रोटोकॉल वाहनों का उपयोग नहीं किया जाएगा। सुरक्षा से जुड़ी विशेष परिस्थितियों में ही इन वाहनों को अनुमति दी जाएगी।
तीनों मंत्रियों का कहना है कि ईंधन की बचत और संसाधनों का संतुलित उपयोग समय की जरूरत है। इसके जरिए आम लोगों को भी सादगी और जिम्मेदारी का संदेश देने की कोशिश की जा रही है।
विभागीय वाहनों के उपयोग पर भी सख्ती
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय अधिकारियों को भी अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण और राष्ट्रहित से जुड़ा मुद्दा है। अधिकारियों को केवल जरूरी कार्यों के लिए ही सरकारी वाहन इस्तेमाल करने को कहा गया है।
वहीं मंत्री राजेश अग्रवाल पहले भी अपनी सादगी को लेकर चर्चा में रहे हैं। बताया जाता है कि वे कई बार अपने गृह क्षेत्र में स्कूटी से घूमते नजर आए हैं। हालांकि सरकारी कार्यक्रमों के दौरान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उनके साथ रहती है।
स्थानीय स्तर पर भी दिख रहा असर
मंत्री रामविचार नेताम ने भी सीमित वाहन उपयोग के निर्देश जारी किए हैं। प्रधानमंत्री की अपील के बाद कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता भी दोपहिया वाहनों से सफर करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े फोटो और वीडियो भी साझा किए जा रहे हैं।
सरकार के इस कदम को ईंधन बचत, खर्च में कमी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रतीकात्मक पहल माना जा रहा है।





