राशन की जगह नकद थमाने का खेल उजागर: गरीबों के हक के चावल में हेराफेरी, दुकानदार बोले- पैसे ले लो

राजधानी समेत आसपास के इलाकों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले मुफ्त चावल में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। हितग्राहियों को तय मात्रा में राशन देने के बजाय दुकानदार नकद पैसे देकर मामला निपटाने की कोशिश कर रहे हैं। कई जगह उपभोक्ताओं पर चावल नहीं लेने का दबाव भी बनाया जा रहा है।
तीन राशन दुकानों में सामने आई गड़बड़ी
जमीनी पड़ताल के दौरान अलग-अलग पीडीएस दुकानों में एक जैसी स्थिति देखने को मिली। हीरापुर में दुकानदार ने तीन महीने का राशन मांगने पर केवल एक महीने का चावल देने और बाकी के बदले पैसे लेने की बात कही। वहीं लालपुर और बोरियाकला की दुकानों में भी उपभोक्ताओं को सीधे नकद राशि दी जा रही थी। कई लोगों ने बताया कि चावल मांगने पर दुकानदार मना कर देते हैं और पैसे लेकर जाने को कहते हैं।
मशीन में फर्जी एंट्री कर किया जा रहा खेल
राशन वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था में भी हेराफेरी का तरीका अपनाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक दुकानदार मशीन में लोहे का बाट रखकर वजन की एंट्री पूरी कर देते हैं, जबकि वास्तविक चावल उपभोक्ताओं को नहीं दिया जाता। इसके बदले कम कीमत पर नकद राशि देकर चावल खुले बाजार में ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है। इस तरीके से प्रति किलो 5 से 10 रुपए तक की अवैध कमाई की जा रही है।
खाद्य विभाग ने कार्रवाई का दिया भरोसा
मामले पर खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने कहा कि चावल के बदले पैसे देना पूरी तरह गलत है और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में इस तरह की शिकायतों पर कई दुकानों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। विभाग ने लोगों से जागरूक रहने और अनियमितता मिलने पर शिकायत करने की अपील की है।





