रायपुर में सीएम और मंत्रिमंडल का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरू, विपक्ष ने बताया ‘पर्यटन’

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनके मंत्रिमंडल का दो दिवसीय चिंतन शिविर 2.0 आज से रायपुर स्थित आईआईएम (IIM) में शुरू हो गया है। इस शिविर का मकसद शासन में सुधार और विकास को लेकर रणनीति बनाना है।
हालांकि, इसे लेकर सियासत भी गर्मा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस चिंतन शिविर पर तंज कसते हुए कहा कि यह कोई ‘चिंतन शिविर’ नहीं, बल्कि ‘पर्यटन शिविर’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि डेढ़ साल तक सरकार ने लूटपाट की, अब घूमने निकले हैं।
इस पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि लूटपाट कांग्रेस की आदत है। हमारी सरकार सुशासन के लिए चिंतन कर रही है, ना कि सैर-सपाटा।
इस दो दिवसीय शिविर का आयोजन राज्य के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा किया गया है, जिसमें आईआईएम रायपुर का सहयोग लिया गया है। शिविर के पहले दिन ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व और दूरदर्शी शासन’, ‘संस्कृति, सुशासन और राष्ट्र निर्माण’, और ‘विकास के लिए सार्वजनिक वित्त’ जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
शिविर में देश के कई जाने-माने विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें शामिल हैं – भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, IIM इंदौर के डायरेक्टर प्रो. हिमांशु राय, IIM अहमदाबाद के डॉ. रविंद्र ढोलकिया, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल, वरिष्ठ पत्रकार उदय माहुरकर और डिजिटल स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र प्रताप गुप्ता।
कार्यक्रम का उद्देश्य शासन को और बेहतर बनाना, विकास की दिशा तय करना और जनता तक योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से पहुंचाना है।





