ड्रीम ईंपेरिया बनी सुरक्षा की मिसाल, लिफ्ट हादसे जैसी कोई आशंका नहीं – भोपाल की घटना के बाद चर्चा में आया बिलासपुर का प्रोजेक्ट

बिलासपुर/भोपाल।भोपाल की पॉश कॉलोनी निरुपम रॉयल पाम में हुए एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। 8 साल का एक बच्चा लिफ्ट में फंस गया और उसे बचाने दौड़े उसके पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक दुख नहीं, बल्कि तकनीकी लापरवाही का नतीजा भी है। अगर लिफ्ट में बेहतर सुरक्षा इंतज़ाम होते, तो शायद एक पिता की जान बचाई जा सकती थी।
इसी बीच छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की ड्रीम ईंपेरिया कॉलोनी चर्चा में आ गई है, जो लिफ्ट सुरक्षा के मामले में देशभर के रिहायशी प्रोजेक्ट्स के लिए मिसाल बन रही है।
यहां की लिफ्टों में पावर कट होते ही ऑटोमैटिक बैकअप सिस्टम एक्टिव हो जाता है। लिफ्ट का पंखा और इमरजेंसी लाइट तुरंत चालू हो जाती हैं ताकि कोई घबराए नहीं। लिफ्ट खुद-ब-खुद अगले फ्लोर पर जाकर दरवाजा खोल देती है — यानी किसी के अंदर फंसने का सवाल ही नहीं।
ड्रीम ईंपेरिया की खास बातें:
लिफ्ट में 24×7 कॉलिंग सिस्टम,
फायर सेफ्टी,
इमरजेंसी अलर्ट,
और सुरक्षा चाबी की सुविधा मौजूद है।
इसके साथ ही गार्ड्स को भी पूरी ट्रेनिंग दी गई है ताकि वे किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर सकें।
जहां एक ओर भोपाल जैसी हाई-प्रोफाइल कॉलोनी में ऐसी दुखद घटना हो गई, वहीं ड्रीम ईंपेरिया ने यह साबित कर दिया है कि सही तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था से ऐसे हादसों को पूरी तरह टाला जा सकता है।





