रायपुर में 50 से ज्यादा गायों की मौत, कांग्रेस का आरोप; गौठान योजना बंद होने से हुई त्रासदी

रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला इंडस्ट्रियल एरिया के पास कन्हेरा गांव में गायों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 12 अप्रैल को यहां 6 मवेशियों की मौत के बाद अब कांग्रेस ने दावा किया है कि 50 से ज्यादा गायें मर चुकी हैं, और इसकी वजह राज्य सरकार द्वारा गौठान योजना को बंद करना है।
सोमवार को कांग्रेस की 5 सदस्यीय जांच समिति घटनास्थल पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। ग्रामीणों से बातचीत कर कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि गायों को खुले में सड़े-गले कचरे और विषैले पदार्थों के बीच छोड़ दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।
कांग्रेस का आरोप – गौ-माताओं को मरने के लिए छोड़ दिया गया
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, “राज्य सरकार ने गौठानों की उपेक्षा की है। न चारा है, न पानी, और गायें सड़कों पर भटक रही हैं। सरकारी गोदाम खाली कराने के लिए कचरा खुले में फेंका गया, जिसे खाकर मवेशियों की मौत हुई।” उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार सिर्फ दिखावे के लिए गौ-अभ्यारण्य की बातें करती है, जबकि जमीनी सच्चाई कुछ और है।
कांग्रेस शासन में ही हुआ था गोमाताओं पर अन्याय
वहीं, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा, “गौ-माताओं के साथ सबसे बड़ा अन्याय कांग्रेस सरकार में हुआ था, जिसे सभी ने देखा है।





