फर्जी मार्कशीट: GGU के सत्यापन में खुला फर्जीवाड़ा, छात्रा की अंकसूची निकली फर्जी
फर्जी मार्कशीट से छात्रावास में प्रवेश!

सरकारी छात्रावास में प्रवेश लेने के लिए (फर्जी मार्कशीट) फर्जी अंकसूची और विभागाध्यक्ष के कथित फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। बिलासपुर के बृहस्पति बाजार स्थित शासकीय अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में वर्ष 2025 में प्रवेश लेने वाली छात्रा के दस्तावेजों पर संदेह हुआ, तो जांच कराई गई। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय से सत्यापन में अंकसूची विश्वविद्यालय द्वारा जारी नहीं होने की पुष्टि हुई। इसके बाद छात्रा को छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया और अब सिविल लाइन पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विभागाध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर का भी खुलासा, (फर्जी मार्कशीट)
मामला बृहस्पति बाजार स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक स्नातकोत्तर अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास का है। कोटा तहसील के भैंसाझार निवासी अनामिका बंजारे ने वर्ष 2025 में यहां प्रवेश लिया था। उस समय छात्रावास की तत्कालीन अधीक्षिका रीता भारती को छात्रा की अंकसूची पर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने जांच के लिए सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग को शिकायत दी। दस्तावेजों का सत्यापन गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय से कराया गया। विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग ने 11 जून 2026 को जानकारी दी कि अनामिका बंजारे के नाम से प्रस्तुत वर्ष 2025 की अंकसूची विश्वविद्यालय ने जारी नहीं की थी…….
सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज
जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। विश्वविद्यालय के गणित विभागाध्यक्ष ने 15 जून 2026 को पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि छात्रा के प्रवेश आवेदन पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं थे। दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने के बाद छात्रा को छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद आदिवासी विकास विभाग ने सिविल लाइन थाना प्रभारी को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा। वर्तमान छात्रावास अधीक्षिका ममता सिंह की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है…….





