A Unique Endeavor: बाल संस्कार शिविर में बच्चों को संस्कृति और स्वास्थ्य का संगम, 120 बच्चों की सहभागिता
मोबाइल की दुनिया से बाहर निकल संस्कारों की ओर बढ़ते बच्चे, बृजगोपिका मिशन का अनूठा प्रयास

बच्चों को कम उम्र से ही संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में (A Unique Endeavor) बृजगोपिका मिशन द्वारा आयोजित बाल संस्कार शिविर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सरकंडा राजस्व कॉलोनी में आयोजित इस समर कैंप में 120 बच्चे भाग ले रहे हैं, जो अभिभावकों की जागरूकता और भारतीय संस्कृति के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है। इस अनूठे शिविर में बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान, भारतीय परंपरा और संस्कृति से परिचित कराया जा रहा है। वहीं आधुनिक दौर की गतिविधियों जैसे जुम्बा एरोबिक, योग और खेलकूद को भी शामिल किया गया है, ताकि बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास संतुलित रूप से हो सके।
मोबाइल की दुनिया से बाहर निकल संस्कारों की ओर बढ़ते बच्चे (A Unique Endeavor)
मिशन की सेविकाओं का कहना है कि बचपन में दिए गए संस्कार बच्चों के मन पर गहरी छाप छोड़ते हैं और भविष्य में वे समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग से बच्चों में एकाग्रता की कमी को देखते हुए अभिभावक भी इस शिविर से काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं।
शिविर में प्रभात प्रणाम, प्रार्थना, योग, अध्यात्म, संगीत, आर्ट एंड क्राफ्ट और खेलकूद जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चों में रचनात्मकता और संस्कारों के बीज बोए जा रहे हैं। ओडिशा स्थित बृजगोपिका धाम से शुरू हुआ यह अभियान अब देश के विभिन्न राज्यों के प्रमुख शहरों तक पहुंच रहा है। 20 मई तक चलने वाले इस शिविर में बच्चों का उत्साह और परिजनों का सहयोग मिशन के सेवादारों को भी प्रेरित कर रहा है।





