रिटायर्ड डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 1.25 करोड़ की ठगी: रायपुर पुलिस ने दिल्ली-कर्नाटक से 3 आरोपी पकड़े

रायपुर में रिटायर्ड डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1.25 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के तीन और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर सेल की टीम ने आरोपियों को दिल्ली और कर्नाटक से पकड़कर रायपुर लाया है। मामले में पहले एक आरोपी को हरियाणा से गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस जांच में करोड़ों रुपए के संदिग्ध ट्रांजैक्शन और कई राज्यों में साइबर अपराधों के लिंक सामने आए हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर की ठगी
मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है। रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर सपन कुमार को आरोपियों ने कॉल कर बताया कि उनके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर आरोपियों ने डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट में होने की बात कही।
आरोपियों ने लगातार वीडियो कॉल के जरिए डॉक्टर पर मानसिक दबाव बनाया और किसी से संपर्क नहीं करने दिया। गिरफ्तारी का डर दिखाकर अलग-अलग बैंक खातों में करीब 1 करोड़ 28 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। आरोपियों के कहने पर डॉक्टर ने 55 लाख रुपए की एफडी भी तुड़वा दी थी।
देशभर में साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम आर्यन सिंह, जितेंद्र कुमार और राजदीप भाटिया हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने 18 म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करते हुए करीब 10 करोड़ 76 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन किए हैं। इन खातों के खिलाफ देश के 17 राज्यों में 88 साइबर शिकायतें दर्ज हैं।
गिरोह लिंक फ्रॉड, शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड, फिशिंग, पार्ट टाइम जॉब स्कैम, क्रिप्टो ट्रेडिंग, OTP शेयरिंग, आइडेंटिटी थेफ्ट, सिम स्वैपिंग, OLX फ्रॉड और होटल बुकिंग फ्रॉड जैसे कई तरीकों से लोगों को निशाना बनाता था।
साइबर सेल की जांच में खुला मामला
पीड़ित की शिकायत के बाद रायपुर पुलिस और साइबर रेंज की टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच शुरू की। साइबर ट्रेल के आधार पर पहले हरियाणा से आरोपी सोमनाथ महतो को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में मिले इनपुट के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों तक पुलिस पहुंच सकी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल से घबराएं नहीं। यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाए, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत करें।





