पति की हत्या के बाद राजनीति में आईं अजंता नियोग, अब बनीं असम सरकार की अकेली महिला मंत्री

असम में हिमंत बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ चार अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली, जिनमें वरिष्ठ नेता अजंता नियोग का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। वह नई सरकार में इकलौती महिला मंत्री हैं।
अजंता नियोग पिछले 25 सालों से लगातार विधायक हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन बाद में बीजेपी में शामिल हो गईं। उन्हें असम की पहली महिला वित्त मंत्री होने का भी गौरव हासिल है।
गुवाहाटी में जन्मीं अजंता नियोग एक राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनकी मां रेबती दास भी विधायक रह चुकी हैं। अजंता ने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से MA, LLB और LLM की पढ़ाई पूरी की और फिर गुवाहाटी हाई कोर्ट में वकालत शुरू की।
उनकी जिंदगी में बड़ा मोड़ 1996 में आया, जब उनके पति और तत्कालीन मंत्री नागेन नियोग की उग्रवादी हमले में हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा।
अजंता नियोग ने 2001 में गोलाघाट सीट से पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद उन्होंने लगातार 2006, 2011, 2016, 2021 और 2026 में जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की। 2020 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली थी, लेकिन पार्टी बदलने के बाद भी उनकी लोकप्रियता बरकरार रही।





