40 साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला, दुर्ग में किसानों का प्रदर्शन तेज

दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के परसकोल और खैरझीटी गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने जमीन अधिग्रहण के मुआवजे की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। किसान बंधु संगठन के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग उठाई गई।
किसानों का कहना है कि वर्ष 1983-84 में गोरपा नहर निर्माण के लिए करीब 17 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, लेकिन 40 से 45 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिला। कई बार आवेदन और जनदर्शन में शिकायत के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि या तो उनकी जमीन का वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा दिया जाए या फिर जमीन वापस की जाए। इसके साथ ही इतने वर्षों तक उपयोग की गई जमीन का किराया या क्षतिपूर्ति भी देने की मांग की गई है।
किसानों का कहना है कि मुआवजा नहीं मिलने के कारण वे जमीन का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और खाता बंटवारा भी नहीं हो पा रहा, जिससे पारिवारिक विवाद बढ़ रहे हैं। प्रभावित किसानों ने अपनी आर्थिक और सामाजिक परेशानियों को भी प्रशासन के सामने रखा।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने गांव के जर्जर स्कूल भवन का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि पिछले दो वर्षों से बच्चे पंचायत भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने नए स्कूल भवन के निर्माण की मांग की।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कलेक्टर की अनुपस्थिति में तहसीलदार ने किसानों से चर्चा कर उनके प्रतिनिधियों की मुलाकात कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद फिलहाल प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।





