कोर्ट को डराने की कोशिश बर्दाश्त नहीं: हाईकोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी

बिलासपुर। एक मामले की सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत को डराने का प्रयास किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले को गंभीर मानते हुए दोनों आरोपितों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निर्देश दिया है कि प्रकरण को संबंधित अदालत से स्थानांतरित कर अन्य न्यायालय में भेजा जाए, ताकि निष्पक्ष वातावरण में सुनवाई हो सके।

यह मामला बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा स्थित न्यायालय में चल रहे चेक बाउंस प्रकरण से जुड़ा है। गजेंद्र सिंह के खिलाफ मामला विचाराधीन है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा हाईकोर्ट को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों अभियुक्तों ने अदालत की कार्यवाही में बाधा डाली और पीठासीन अधिकारी को लिखित नोटिस सौंपा।

नोटिस में न्यायाधीश पर अपमानजनक और मानहानिकारक आरोप लगाए गए थे तथा यह भी कहा गया था कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे अदालत परिसर में आत्महत्या कर सकते हैं। डिवीजन बेंच ने कहा कि आरोपियों के आचरण से प्रतीत होता है कि वे न्यायालय को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे और उनके व्यवहार में वास्तविक पश्चाताप नहीं दिखता।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायिक अनुशासन सर्वोपरि है और अदालत की कार्यवाही में व्यवधान डालना तथा अभद्र भाषा का प्रयोग आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आता है। बाद में आरोपियों ने निचली अदालत में लिखित रूप से खेद व्यक्त किया। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं, ताकि न्याय प्रक्रिया बिना किसी दबाव के आगे बढ़ सके।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई