NHM कर्मचारियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम, नौकरी पर नहीं लौटे तो बर्खास्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) संविदा कर्मचारी 18 अगस्त से हड़ताल पर हैं, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कई बार सरकार को खून से खत लिखकर और पैरोडी गानों व डांस के जरिए विरोध जताया गया है।
प्रशासन ने अब सभी हड़ताली NHM कर्मचारियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। आदेश मानने पर ही उन्हें नौकरी पर बने रहने की अनुमति होगी, अन्यथा बर्खास्तगी का सामना करना पड़ेगा। इसके लिए सभी जिलों के CMHO से कर्मचारियों की सूची भी मंगाई गई है।
कर्मचारियों का आरोप है कि भाजपा ने चुनाव के दौरान “मोदी की गारंटी” के तहत 100 दिनों में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। लेकिन 20 महीनों और 160 से अधिक ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही वजह है कि कर्मचारियों ने हड़ताल का रास्ता चुना।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि 10 में से 5 मांगें सरकार मान चुकी है और बाकी मांगों के लिए केंद्र से सिफारिश की जाएगी। लेकिन लंबे समय से जारी हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं, इसलिए कर्मचारियों को तुरंत काम पर लौटना चाहिए।
सोशल मीडिया पर कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं। धमतरी में “मोर पथरा के देवता मानत नई हे वो” जैसे छत्तीसगढ़ी गीतों पर कर्मचारी सरकार के खिलाफ नाराजगी जता चुके हैं। वहीं “क्या हुआ तेरा वादा” और “तड़पाओगे तड़पा लो” जैसे गानों के जरिए भी अपनी नाराजगी जाहिर की गई।





