बिजली ऑफिस घेराव: सीपत में बिजली संकट के खिलाफ कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, विभाग का किया घेराव

अघोषित बिजली कटौती से आक्रोशित कांग्रेस ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बरसात के मौसम में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने अब लोगों का धैर्य जवाब दे दिया है। (बिजली ऑफिस घेराव) किसानों की सिंचाई, विद्यार्थियों की पढ़ाई और आम जनता की दैनिक दिनचर्या पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव के विरोध में सीपत में कांग्रेस ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। नवाडीह चौक से बिजली विभाग कार्यालय तक एक विशाल रैली निकाली गई और विभाग का घेराव कर सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की गई…

अघोषित बिजली कटौती से आक्रोशित कांग्रेस ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी (बिजली ऑफिस घेराव)

​मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। धरने के बाद कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग कार्यालय का रुख किया, जहाँ तहसीलदार गरिमा सिंह ठाकुर और विद्युत विभाग के सहायक अभियंता कौशल जायसवाल को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। सभा को संबोधित करते हुए विधायक दिलीप लहरिया ने एनटीपीसी सीपत जैसे बिजली उत्पादन क्षेत्र के आसपास के निवासियों को होने वाली 5 से 6 घंटे की कटौती पर गहरा आक्रोश जताया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए….

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि एक तरफ जनता से भारी-भरकम बिजली बिल वसूले जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ घंटों की कटौती ने लोगों को दोहरी मार झेलने पर मजबूर कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर बिजली तारों और बार-बार होने वाले फॉल्ट के कारण बड़े हादसों का डर बना रहता है। ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने बिजली पर निर्भर वर्तमान जीवनशैली को रेखांकित करते हुए सरकार को चेताया। उन्होंने बताया कि बिजली कटौती से ब्लैकआउट की स्थिति पैदा हो जाती है और बरसात में जहरीले जीव-जंतुओं के सक्रिय होने से ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश जैसे हादसों और जानमाल की क्षति का खतरा बढ़ जाता है…

जिला अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने साफ किया कि यदि अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक नहीं लगी, तो कांग्रेस अब गांव-गांव जाकर इस अभियान को और तेज करेगी। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को सरकार की विफल नीतियों, बढ़ते बिजली बिल और बिजली संकट से जागरूक करने की योजना बनाई है. इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने बिजली के साथ-साथ खाद-बीज, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कमरतोड़ महंगाई जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा और रिक्त पदों पर भर्ती करने तथा जर्जर लाइनों को बदलने की मांग दोहराई.

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button