एसटीपी कार्य: अरपा को स्वच्छ बनाने की कवायद तेज, कई एसटीपी परियोजनाओं पर काम जारी
एसटीपी निर्माण में देरी पर सियासत गर्म, कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब

बिलासपुर की जीवनदायिनी अरपा नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में (एसटीपी कार्य) नगर निगम और राज्य सरकार की ओर से कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। शहर के प्रमुख नालों का गंदा पानी अब सीधे नदी में नहीं, बल्कि एसटीपी में शोधन के बाद छोड़े जाने की योजना है। हालांकि, निर्माण कार्य में देरी को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का दावा कर रही है।
कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब (एसटीपी कार्य)
बिलासपुर की अरपा नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नदी के दोनों किनारों पर सड़क निर्माण के साथ-साथ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है, ताकि शहर के प्रमुख नालों से निकलने वाला गंदा पानी पहले ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचे और शोधन के बाद ही नदी में छोड़ा जाए।नगर निगम के अनुसार मंगला क्षेत्र में 10 एमएलडी, 6 एमएलडी और 6 एमएलडी क्षमता के तीन एसटीपी प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन हैं। वहीं कोनी में 6 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जा रहा है।
इसके अलावा दोमहानी में 36 एमएलडी और चिल्हाटी में 50 एमएलडी क्षमता के नए एसटीपी प्रस्तावित किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर के अधिकांश नालों का गंदा पानी सीधे अरपा नदी में जाने से रोका जा सकेगा।कोनी और मंगला के एसटीपी का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। इन परियोजनाओं को वर्ष 2023-24 तक पूरा किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय सीमा में काम पूरा नहीं हो सका।
निर्माण में देरी और लापरवाही को देखते हुए निर्माण एजेंसी श्रद्धा कंस्ट्रक्शन पर करीब 40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।हाल ही में नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लगभग 250 करोड़ रुपये की प्रस्तावित योजना के तहत नए एसटीपी निर्माण और शहर से बाहर निकलने वाले नालों के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में सभी गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से उपचार कर अरपा नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके।
इधर इस मुद्दे पर राजनीति भी गर्मा गई है। कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि एसटीपी निर्माण का काम कांग्रेस शासनकाल में शुरू हुआ था, लेकिन अब तक अधूरा है। विपक्ष का आरोप है कि नई परियोजनाओं की घोषणा करने से पहले सरकार को यह बताना चाहिए कि पुरानी परियोजनाएं कब पूरी होंगी। कांग्रेस का कहना है कि केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि समय पर काम पूरा होने से ही अरपा नदी वास्तव में स्वच्छ बन पाएगी।
हालांकि अगर छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा एसपी के माध्यम से स्वच्छ पानी नदी में छोड़ा जाता है तो निश्चित तौर पर लंबे समय से अरपा को जलमग्न रखने की जो पाठ योजनाओं पर है वह धरातल पर नजर आएगा परंतु जरूरी है कि इस पर ध्यान आकर्षित कराकर काम करना चाहिए जिस तरह से कांग्रेस शासन काल में दो बैराज बनाकर यहां पानी रखने की व्यवस्था धरातल पर लाई गई इस तरह से अब भाजपा के द्वारा अगर यहां पर बड़ी योजना लाई जा रही है तो उसका सही ढंग से क्रियान्वयन हो इसका ध्यान भी शासन को रखना होगा





