कार्यवाही : समर्थ पोर्टल हैक नहीं, जांच में कर्मचारियों की लापरवाही उजागर
जांच रिपोर्ट के आधार पर एचओडी, परीक्षा नियंत्रक समेत कई कर्मचारी निलंबित

बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल के कथित हैक (कार्यवाही) होने के मामले में गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रबंधन को सौंप दी है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि समर्थ पोर्टल हैक नहीं हुआ था, बल्कि पोर्टल के संचालन से जुड़े कर्मचारियों की लापरवाही और अनियमितताओं के कारण यह मामला सामने आया।
अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई (कार्यवाही)
रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए लॉ विभाग के विभागाध्यक्ष (एचओडी), परीक्षा नियंत्रक सहित अन्य संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया हैविश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि जांच समिति ने सभी तथ्यों और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच की। रिपोर्ट में पोर्टल हैक होने की पुष्टि नहीं हुई, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर गंभीर चूक सामने आई है। इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और यदि आगे भी कोई नए तथ्य सामने आते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही समर्थ पोर्टल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और विश्वविद्यालय की डिजिटल व्यवस्था अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनी रहे।





