आदिवासी ज्ञापन: बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर आदिवासी कांग्रेस का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
बच्चों की मौत पर सरकार को घेरा, मेडिकल इमरजेंसी और 1 करोड़ मुआवजे की मांग

बिलासपुर में आदिवासी कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में बैगा और गोंड आदिवासी बच्चों की मौतों को लेकर सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही बालाघाट में मेडिकल इमरजेंसी घोषित करने और मृतक बच्चों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है।
मेडिकल इमरजेंसी और 1 करोड़ मुआवजे की मांग (आदिवासी ज्ञापन)
आदिवासी कांग्रेस का आरोप है कि मई से सितंबर 2026 के बीच बालाघाट जिले में बैगा और गोंड आदिवासी बच्चों की मौतें हुई हैं। संगठन ने इन मौतों के पीछे शासन-प्रशासन की कथित लापरवाही और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था को जिम्मेदार बताया है।
इसी मुद्दे को लेकर आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम बिलासपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बालाघाट में तत्काल मेडिकल इमरजेंसी घोषित करने, बच्चों की मौत के मामले की गंभीरता से जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
संगठन ने मृतक बच्चों के प्रत्येक परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग भी रखी है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल को पद से हटाने की मांग की गई है। आदिवासी कांग्रेस ने कहा कि आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।





