लेखा परीक्षक निलंबित: युक्तियुक्तकरण और पदोन्नति में गड़बड़ी की शिकायत पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई, कनिष्ठ लेखा परीक्षक सुनील यादव निलंबित
कांग्रेस नेता अंकित गौरहा की पांच शिकायतों के बाद जांच, जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर विभाग ने की कार्रवाई

जिला शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण, पदोन्नति, पदस्थापना और अन्य विभागीय प्रक्रियाओं से जुड़ी शिकायतों के मामले में कनिष्ठ लेखा परीक्षक सुनील कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सुनील यादव तत्कालीन विधि खंड प्रभारी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। विभाग ने जांच समिति की रिपोर्ट, संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण और सुनील यादव के जवाब के आधार पर यह कार्रवाई की है। इस मामले में कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने 9 फरवरी से 4 मई 2026 के बीच पांच अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं।
जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर विभाग ने की कार्रवाई (लेखा परीक्षक निलंबित)
इन शिकायतों में अनुकंपा नियुक्ति, प्रतिनियुक्ति, अटैचमेंट, युक्तियुक्तकरण, पदोन्नति, पदस्थापना, वरिष्ठता और न्यायालयीन आदेशों के पालन में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की गई थी। शिकायतों के बाद गठित जांच समिति ने 31 अगस्त और 23 सितंबर को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद विभाग ने 24 सितंबर को सुनील यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसका जवाब उन्होंने 25 सितंबर को दिया। विभाग के मुताबिक उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम और वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियमों के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।
वहीं, कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने कहा कि उनकी शिकायतों का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और प्रभावित शिक्षकों को उनका अधिकार दिलाना था। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में जिन-जिन स्तरों पर जिम्मेदारी सामने आती है, उन सभी के खिलाफ नियमानुसार जवाबदेही तय की जानी चाहिए।





