शीतकालीन सत्र 1 से 19 दिसंबर तक, 14 बिल पेश करेगी सरकार; विपक्ष SIR, दिल्ली ब्लास्ट और प्रदूषण पर हमलावर

दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। कुल 19 दिनों में 15 बैठकें होंगी, जो हाल के वर्षों के सबसे छोटे सत्रों में से एक माना जा रहा है।
सीमित समय के बावजूद सरकार इस दौरान 14 अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इसका फोकस अर्थव्यवस्था, शिक्षा, ऊर्जा, बीमा, कॉर्पोरेट कानून और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सुधारों पर रहेगा। दिवाला कानून में संशोधन, बीमा सेक्टर सुधार, सिक्योरिटीज मार्केट रेग्युलेशन, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास एवं उच्च शिक्षा आयोग से जुड़े बिल सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल हैं।
इधर विपक्ष ने सत्र को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया, दिल्ली में हुए आत्मघाती धमाके, वायु प्रदूषण, बेरोजगारी और नेशनल हेराल्ड मामले जैसे मुद्दों पर विपक्ष सदन में सरकार को कटघरे में खड़ा करना चाहता है। कांग्रेस, सपा, टीएमसी और DMK सहित कई दल SIR के मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने को तैयार हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी की रणनीति बैठक में SIR के दौरान हुई BLO मौतों को बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इसे संसद में ज़रूर उठाया जाएगा। उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट को सुरक्षा चूक करार दिया और वायु प्रदूषण सहित युवाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की मांग की।
हालांकि सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि SIR पर सदन में बहस संभव नहीं है, क्योंकि यह चुनाव आयोग की नियमित प्रक्रिया है और इस पर सुप्रीम कोर्ट दिशा-निर्देश दे चुका है। सरकार चाहती है कि विपक्ष नियमों के तहत चर्चा करे ताकि कार्यवाही बाधित न हो। दूसरी ओर विपक्ष का रुख टकराव वाला है, जिससे साफ है कि यह शीतकालीन सत्र कम समय का जरूर होगा, पर राजनीतिक रूप से बेहद गर्म रहने वाला है।





