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बिलासपुर:भटक रहे व्यापारी: 11 महीने से दुकान के इंतजार में परेशान, प्रशासन पर अनदेखी के आरोप

बिलासपुर। इमलीपारा बस स्टैंड क्षेत्र में 87 दुकानों के तोड़े जाने के बाद से व्यापारी परेशान हैं। करीब 11 महीने से वे दुकान आवंटन की आस में निगम और जिला प्रशासन के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है।

15 मई को तोड़ी गईं थीं इमलीपारा की 87 दुकानें, सड़क चौड़ीकरण के लिए

इमलीपारा व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष जसमीत सिंह अजमानी ने बताया कि प्रशासन ने 15 मई को सड़क चौड़ीकरण के नाम पर इन दुकानों को तोड़ा था। तब अधिकारियों ने भरोसा दिया था कि आठ महीने के भीतर नई दुकानें बनाकर व्यापारियों को आवंटित कर दी जाएंगी। सड़क चौड़ीकरण का काम तो पूरा हो गया और 65 दुकानें भी तैयार हो चुकी हैं, लेकिन अब तक उनका आवंटन नहीं हुआ है।

दुकान नंबर 21 के संचालक कल्याण दास की स्थिति तो और भी गंभीर है। उन्होंने बताया कि अपनी दुकान वापस पाने की कोशिश में वे लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उनकी परेशानी सुनने वाला कोई नहीं है। इसी तनाव में उन्हें माइनर अटैक भी आ चुका है और अब उनका इलाज एम्स में चल रहा है। आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उनकी पत्नी को महतारी वंदना योजना के तहत मिलने वाले सिर्फ 1000 रुपये की सहायता राशि से दवाइयों का खर्च चलाना पड़ रहा है।

अरमानों को बुलडोजर से कुचल दिया

व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन ने सिर्फ उनकी दुकानों को ही नहीं, बल्कि उनके सपनों और अरमानों को भी बुलडोजर से कुचल दिया है। इतने लंबे समय से बेरोजगार बैठे व्यापारी अब आर्थिक तंगी और तनाव के कारण मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर होते जा रहे हैं।

व्यापारियों की दुकानें नहीं दी गई तो करेंगे आंदोलन

व्यापारियों ने साफ कहा है कि अगर जल्द से जल्द दुकानें नहीं दी गईं, तो वे प्रशासन के खिलाफ बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने सरकार और प्रशासन से आग्रह किया है कि उनकी स्थिति को समझते हुए जल्द से जल्द दुकानों का आवंटन किया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें और फिर से सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर सकें।

देखना यह होगा कि प्रशासन उनकी समस्या को कब और कैसे सुलझाता है।

 

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