असम के कार्बी आंगलोंग में हिंसा भड़क उठी: 2 की मौत, इंटरनेट बंद, कई घायल

दिल्ली। असम के कार्बी आंगलोंग जिले में झड़पों ने हिंसक रूप धारण कर लिया है। स्थानीय समूहों और बाहरी लोगों के बीच बढ़ते तनाव के चलते राज्य सरकार ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं।
कार्बी आंगलोंग जिले के खेरोनी और डोंगकामकम इलाकों में ग्राम चराई आरक्षित क्षेत्र (VGR) और व्यावसायिक चराई आरक्षित क्षेत्र (PGR) के लोग बाहरी लोगों को इलाके से बाहर निकालना चाहते थे। दोनों गुटों ने एक-दूसरे को अतिक्रमणकारी बताते हुए संघर्ष शुरू किया। यह क्षेत्र संविधान की छठी अनुसूची के तहत आदिवासी भूमि अधिकारों की सुरक्षा के लिए संरक्षित है।
झड़पों के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया। हिंसा में 45 लोग घायल हुए, जिनमें 38 पुलिसकर्मी शामिल हैं। अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अधिकारियों ने भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के जमावड़े, रैलियों और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है, साथ ही शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक आवागमन प्रतिबंधित किया गया है।
हिंसा उस समय भड़की जब भूख हड़ताल पर बैठे नौ लोगों को पुलिस ने चिकित्सा उपचार के लिए बुलाया। अफवाहें फैली कि लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिससे विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। सोमवार, 22 दिसंबर को प्रदर्शनकारियों ने कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (KAAC) के प्रमुख तुलिराम रोंगहांग के पैतृक आवास में आग लगा दी। कई दुकानों, मोटरसाइकिलों और सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा।
इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस अखिलेश कुमार सिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।





