ग्रामीणों की गुहार: “पीएम आवास की दूसरी किस्त तो दिलवा दीजिए”

ग्रामवासियों ने अपने अधूरे मकानों और न मिलने वाली मजदूरी को लेकर जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। शुक्रवार को कई ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और शिकायत की कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त और मजदूरी की राशि अब तक नहीं मिली है। उनका कहना है कि बिना किस्त के मकान अधूरा पड़ा है और काम भी ठप हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि जब तक दूसरी किस्त नहीं मिलेगी, तब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सकता। साथ ही, मजदूरी राशि नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मामले पर जिला पंचायत सीईओ संदीप कुमार अग्रवाल ने कहा कि जिले में अब तक 15 हजार मकानों की मंजूरी दी गई है, जिनमें से करीब 12,500 मकान बनकर तैयार हो चुके हैं और बाकी मकानों का निर्माण जारी है।
उन्होंने बताया कि पीएम आवास योजना में कुल तीन किस्तों में पैसा दिया जाता है—पहली किस्त 40 हजार रुपए, दूसरी 55 हजार रुपए और तीसरी 25 हजार रुपए। सीईओ ने कहा कि अगर किसी लाभार्थी को दूसरी किस्त नहीं मिली है, तो जांच कराकर सही लोगों को जल्द ही राशि दी जाएगी।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द उनकी समस्या का हल निकालेगा और उनका अधूरा सपना—एक पक्के घर का—पूरा होगा।





