7वीं मंज़िल से टूटी लिफ्ट का तार, तेज़ फॉल के बाद भी दो महिलाएं सुरक्षित; मेंटेनेंस पर उठे सवाल

रायपुर के डीडी नगर क्षेत्र में स्थित इंद्रप्रस्थ फेस-2 अपार्टमेंट में मंगलवार को लिफ्ट अचानक सातवीं मंज़िल से बेहद तेज़ गति से नीचे गिर गई, जिससे पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। हादसे के समय लिफ्ट के अंदर दो महिलाएं मौजूद थीं, जो ऊपर जाने की तैयारी कर रही थीं। अचानक आए ज़ोरदार झटके और तेज़ आवाज़ के साथ लिफ्ट ज़मीन की ओर गिरी, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी महिला को गंभीर चोट नहीं आई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों महिलाएं सुरक्षित हैं और उन्हें सिर्फ मामूली खरोंचें आई हैं।
घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेज़ी से फैल रहा है। फुटेज में साफ़ दिखाई दे रहा है कि किस तरह लिफ्ट बिना किसी ब्रेक के फ्री-फॉल की तरह नीचे आती है और अंत में तेज़ आवाज़ के साथ नीचे टकराती है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय निवासियों में बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी नाराज़गी देखी जा रही है। अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों का कहना है कि लिफ्ट की सर्विसिंग लंबे समय से तय मानकों के अनुसार नहीं की जा रही थी। कई बार प्रबंधन से मेंटेनेंस सुधारने की शिकायत भी मौखिक रूप से की गई, लेकिन उस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
निवासियों का यह भी आरोप है कि लिफ्ट में सुरक्षा सेंसर और इमरजेंसी ब्रेक सिस्टम जैसे अहम फ़ीचर सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। उनका कहना है कि अगर सुरक्षा जांचें समय पर की गई होतीं, तो ऐसी भयावह स्थिति पैदा ही नहीं होती। उधर, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया के ज़रिये मिली है। अब तक पीड़ितों या किसी निवासी की तरफ़ से आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऊंची इमारतों में लगी लिफ्टों का नियमित मेंटेनेंस, सेफ्टी ऑडिट और तकनीकी जांच बेहद ज़रूरी होती है। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि छोटी-सी अनदेखी भी कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। सोशल मीडिया पर घटना को लेकर लोग सख्त टिप्पणी कर रहे हैं और लिफ्ट संचालन के लिए कड़े नियम लागू करने की मांग कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने इमारत प्रबंधन पर कार्रवाई की आवश्यकता जताई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जांच के नतीजों के आधार पर लिफ्ट संचालन में लापरवाही बरतने वालों पर नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। इस हादसे ने शहर में बहुमंज़िला इमारतों की लिफ्ट सुरक्षा और संचालन व्यवस्था पर फिर से चर्चा तेज़ कर दी है और यह संदेश भी दिया है कि सुरक्षा से समझौता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।





