श्मशान में संदिग्ध तंत्र क्रिया की अफवाह से मचा हड़कंप,

बिलासपुर, छत्तीसगढ़। कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम निरतु स्थित श्मशान घाट में मंगलवार शाम एक रहस्यमयी घटना ने ग्रामीणों और पुलिस महकमे में हलचल मचा दी। स्थानीय लोगों ने पीपल के पेड़ के नीचे तंत्र क्रिया करते 12 लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया, जिनमें चार महिलाएं और आठ पुरुष शामिल हैं।
इन सभी को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, साथ ही पूजा और तांत्रिक सामग्री जब्त कर ली गई है।
क्या मिला घटनास्थल से?
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इन लोगों को नींबू, मिर्च, सिंदूर, काला कपड़ा और सब्बल जैसी वस्तुओं के साथ विशेष अनुष्ठान करते हुए देखा। यह पूरा अनुष्ठान श्मशान के पास एक पीपल के पेड़ के नीचे किया जा रहा था, जिससे तंत्र-मंत्र की आशंका और ज्यादा बढ़ गई।
क्या कहती है पुलिस?
कोनी थाना प्रभारी किशोर केवट ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि यह क्रिया एक परिवार द्वारा बेटी की बीमारी के निवारण हेतु करवाई गई थी।
छतौना (चकरभाठा) निवासी ठाकुर परिवार की बेटी बीते दो वर्षों से अस्वस्थ है। डॉक्टरी इलाज से सुधार नहीं होने पर उन्होंने वैदिक पूजा का सहारा लिया, जिसके लिए उत्तरप्रदेश से कुल के पुजारी बुलाए गए थे।
थाना प्रभारी के अनुसार, “यह एक धार्मिक अनुष्ठान था, न कि कोई तांत्रिक क्रिया। पूछताछ में किसी तरह की तांत्रिक गतिविधि या अंधविश्वास से जुड़ा तथ्य सामने नहीं आया है।”
स्थानीयों में क्यों मची अफरा-तफरी?
श्मशान में अंधेरे में हो रही गतिविधियों और रहस्यमय सामग्री को देख ग्रामीणों को शक हुआ कि किसी प्रकार की तांत्रिक क्रिया की जा रही है। सूचना मिलते ही गांववालों ने घेराबंदी कर सभी को रोका और पुलिस को खबर दी।
कुछ ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान में इस तरह की गतिविधियां डर और अंधविश्वास को बढ़ावा देती हैं, जबकि कुछ लोगों ने भीड़ द्वारा लोगों को डराने और अफवाह फैलाने को भी गलत बताया।





